संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बुधवार को अधिकारियों की बैठक में ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिला में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे के प्रभावी एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन को लेकर जरूरी निर्देश दिए। इस बीच सीटीएम रितु बंसीवाल ने सर्वे कार्य को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
उपायुक्त ने कहा कि पांडुलिपि सर्वे कार्य के लिए जिले में टीमें गठित की जाएगी जिनके माध्यम से सर्वे कार्य को पूरा किया जाएगा। सर्वे का कार्य 16 जून से पहले पूरा किया जाए इसके लिए सरकारी विभागों के साथ हर वर्ग का सहयोग लिया जाएगा।
उन्होंने जिला में उपलब्ध प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों की पहचान, संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं अभिलेखीकरण का कार्य व्यवस्थित तरीके से करने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि यह पहल देश की समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सर्वे के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध पांडुलिपि भंडारों की पहचान करना, उनका भौतिक सत्यापन करना तथा उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन करना होगा।
साथ ही ‘ज्ञान भारतम् सर्वे अनुप्रयोग’ के माध्यम से इनका अंकन सुनिश्चित किया जाएगा जिससे एक सटीक डाटाबेस तैयार हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सर्वे डिजिटल होगा व जहां नेटवर्क संबंधी कोई समस्या आती है तो मैनुअल फार्म का उपयोग किया जाए। सर्वे के दौरान केवल पांडुलिपियों की मैपिंग होगी।
उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए गठित समिति की तरफ से सर्वे कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और प्रत्येक पखवाड़े में प्रगति रिपोर्ट अभिलेखागार विभाग, हरियाणा एवं ज्ञान भारतम् मुख्यालय को भेजी जाएगी। उन्होंने सभी कार्य 16 जून से पहले पूर्ण करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए ।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास, सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार, डीडीपीओ निशा तंवर, डीईओ रतिंद्र सिंह, आयुष अधिकारी डाॅ. पवन देसवाल, ईओ संजय रोहिल्ला, तहसीलदार सुदेश मेहरा, गुरुकुल झज्जर के प्रतिनिधियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।