21jjrp13- सिविल अस्पताल में बुजुर्ग महिला संतोष का घुटना बदला गया, जिसके बाद वह अब ठीक है। स्रो
झज्जर। आयुष्मान योजना का लाभ गांव गोच्छी निवासी 72 वर्षीय महिला संतोष को मिला है। वह पिछले एक साल से दाएं घुटने में दर्द से परेशान थीं। उन्होंने कुछ साल पहले अपने बाएं घुटने को हांसी में बदलवाया था, जिस पर एक लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आया था। अब दायां घुटना योजना के तहत सरकारी अस्पताल में निशुल्क बदलवाया है।
मरीज ने बताया कि पहले उनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। निजी अस्पताल में बायां घुटना बदलवाने के बाद दाएं घुटने में भी दिक्कत रहने लगी। अब सरकार ने आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में भी यह सुविधा दे दी तो उन्होंने सरकारी अस्पताल में घुटना प्रत्यारोप करवाने की सोची।
19 नवंबर को बुजुर्ग संतोष का घुटना बदलने का काम हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास अहलावत व उनकी टीम ने किया। शुक्रवार को उनकी पट्टी खोली गई और मामूली चलाया भी गया। इस बार उनको दर्द नहीं रहा। अब शनिवार को उनको छुट्टी भी दे दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पिछले चार दिनों से चलाए गए अभियान का मरीजों को लाभ मिला है। अभियान के तहत चार दिनों में 134 लोगों को इसका लाभ मिल चुका है। अब तक दो लोगों के घुटने बदले जा चुके हैं। इसके अलावा कूल्हा बदलने का काम भी किया गया।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास अहलावत ने बताया कि निजी अस्पताल में घुटना बदलवाने पर 70 हजार से दो लाख रुपये तक खर्च आता है। यह अस्पताल पर निर्भर करता है। इसी प्रकार कूल्हे पर भी इतना ही खर्चा आ जाता है। सरकारी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इसे कवर किया जा रहा है। मरीजों को यह सुविधा निशुल्क लाभ मिलती है।
चौथे दिन हुए 31 ऑपरेशन
जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 31 ऑपरेशन किए गए। इसमें हड्डी के पांच ऑपरेशन हुए। इसके अलावा चार सिजेरियन, मोतियाबिंद के 21 ऑपरेशन और एक दांत का ऑपरेशन किया गया।