फीमेल डॉग पिछले कुछ दिनों से गली से गुजरने वाले लोगों पर झपट रही थी और उन्हें काटने का प्रयास कर रही थी। सुभाष नगर निवासी सोमबीर ने बताया कि रविवार को दोपहर बाद जब उनकी माता वेदवती (83) घर के बाहर बैठी थीं तभी फीमेल डॉग ने अचानक हमला कर दिया और कई जगह से काट लिया।
आसपास के लोगों ने उसे डंडों व पत्थर मारने की कोशिश से डराकर भगाया। घटना के बाद गलीवासियों ने तुरंत गोसेवक रमेश राठी को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रमेश राठी ने पशु विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने फीमेल डॉग को पकड़कर उपचार केंद्र में भिजवाया।
लोगों ने बताया कि गली में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है जिससे खासकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और समय रहते उनका उपचार एवं प्रबंधन किया जाए।
कुत्तों के बधियाकरण का काम ठप
कुत्तों का बधियाकरण कार्य करीब डेढ़ माह से ठप पड़ा है। 27 दिसंबर 2025 को जीव प्रेमियों की ओर से कुत्तों को पकड़कर रोहतक जाने का विरोध करने और बधियाकरण करने वाली संस्था नैन फाउंडेशन द्वारा नियमों की उल्लंघन को लेकर शिकायत दिए जाने के बाद दोबारा से यह काम शुरू नहीं हो सका है। डॉग बाइट के 70-80 केस हर रोज नागरिक अस्पताल में आ रहे हैं। यहां पर रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर परिषद ने 3 हजार आवारा कुत्तों का बधियाकरण कराने का निर्णय लिया था। इस कार्य के लिए परिषद की ओर से करीब 36 लाख रुपए का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। प्रत्येक कुत्ते की नसबंदी पर 1189 रुपए खर्च होने हैं। यह जिम्मेदारी जींद स्थित नैन फाउंडेशन को दिया गया था जिसका विरोध पहले ही दिन हो गया था।
वर्जन
कुत्तों के बधियाकरण का कार्य फिलहाल बंद कर रखा है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील हुड्डा, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, बहादुरगढ़।
फोटो-55: लाइनपार के सुभाष नगर में कुतिया को पकड़ते पशु विशेषज्ञों की टीम। स्रोत संस्था