झज्जर। पिछले कई दिनों से उमस व गर्मी से परेशान लोगों को वीरवार हुई बारिश से राहत मिली। पूरा दिन रुक-रुककर बारिश होती रही। शहर के मुख्य मार्गों व काॅलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। ऐसे में बेरी के सिवाना और अच्छेज गांव में मकान की कड़ियों वाली छत भर भराकर गिर गई। हादसे के समय परिवार दूसरे कमरे में सो रहा था। छत गिरने की आवाज सुनकर परिवार बाहर निकल आया और परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए।
बेरी में 45, झज्जर में 25, मातनहेल में सात एमएम बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29 व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार रात को भी जिले में अधिकतर स्थानों पर बारिश हुई। लगातार दो-तीन दिन से बादलवाही बन रही थी, लेकिन बारिश नहीं हो रही थी। गर्मी के कारण शहर के मुख्य मार्गों बर्फखाना रोड, बीकानेर चौक, आंबेडकर चौक, पुराना बस अड्डा रोड, मेडिकल रोड, शहीद भगत सिंह चौक, रोहतक रोड, अग्रसेन चौक, बहादुरगढ़ रोड, बादली रोड, गुरुग्राम रोड सहित आदर्श नगर, दमदमा मोहल्ला, हरिपुरा मोहल्ला व अन्य कालोनियों में जलभराव हो गया। इस कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
इसके अलावा दूबलधन बिध्यान पाना में बारिश के कारण जलभराव हो गया। पानी निकासी के लिए यहां पर मोटर भी रखवा रखी है, लेकिन चालू न होने के कारण पानी निकासी नहीं हो रही। इस कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। इसी प्रकार से कबलाना, दुल्हेड़ा गांव स्थित झज्जर-बहादुरगढ़ मार्ग टूटा होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी हुई। मुख्य मार्ग पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इस कारण उनमें बारिश का पानी जमा हो गया और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत हुई। बारिश के चलते पूरा दिन झज्जर-बहादुरगढ़ मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही।
एक से तीन अगस्त तक बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक से तीन अगस्त के दौरान हरियाणा के उत्तरी पूर्वी जिलों पर मानसून बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है। शेष हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में भी हल्की बिखराव वाली बारिश बूंदा-बांदी खंड बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी।
धान की फसल के लिए लाभदायक
बारिश धान की फसल के लिए लाभदायक है। किसान सतबीर, मंगेश ने बताया कि इस समय धान की फसल को पानी की जरूरत थी। इसे बारिश ने पूरा कर दिया है। अब पानी लगाने की जरूरत नहीं होगी।
तेज बरसात से दो मकान की छत गिरी, बाल-बाल बचा परिवार
बेरी। क्षेत्र के दो गांवों में कड़ियों वाले मकान की छत गिर गई। इससे परिवार बाल-बाल बच गए। हादसे में सामान खराब हो गया। गांव सिवाना में बीती रात तेज बरसात आने से मकान की छत गिर गई। छत गिरने से परिवार बाल-बाल बच गया।
गांव सिवाना निवासी नफे अपने परिवार के साथ सो रहा था। रात के समय तेज बारिश के चलते छत की कड़ी टूटने की आवाज आई, जिससे पूरा परिवार नींद से जाग गया और तेज बारिश के बीच छोटे-छोटे बच्चों सहित घर से बाहर निकल आया। कुछ देर बाद मकान की छत गिर गई। घर के मुखिया नफे सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव के लोगों से कर्ज लेकर पिछले 2-3 वर्षों में यह मकान बनवाया था।
बुधवार की रात तेज बारिश की वजह से छत गिर गई, जिससे घर का जरूरी सामान मलबे में दब गया। नफे सिंह ने बताया कि उन्होंने इस घटना की सूचना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी है। साथ ही उन्होंने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि मेरी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है। उसे आवासीय योजना या किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सहायता प्रदान की जाए।
वहीं अच्छेज गांव निवासी जयभगवान के मकान की कड़ियों वाली छत भी वीरवार सुबह लगभग 5 बजे गिर गई। उस समय वह दूसरे कमरे में सो रहे थे जबकि सामान वाले कमरे की छत गिर गई। इसमें वह बाल-बाल बच गए। हादसे में सामान दबकर खराब हो गया। जयभगवान ने सरकार से सहायता प्रदान करने की मां की है।
31jjrp10- गांव सिवाना में गिरी कड़ियों वाली छत। स्रोत-ग्रामीण
31jjrp10- गांव सिवाना में गिरी कड़ियों वाली छत। स्रोत-ग्रामीण