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रंग बनाने वाली फैक्टरियों में खराब हालात देख भड़के अधिकारी, रुकवाया काम

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने मंगलवार को आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान रंग की दो फैक्ट्रियों में काफी खामियां मिलीं। फैक्ट्रियों में हालात खराब नजर आने पर अधिकारियों ने मालिक को फटकार लगाई। फिलहाल ये फैक्ट्रियों सील तो नहीं की गई हैं, लेकिन आगामी कार्रवाई तक काम रुकवा दिया गया है। पिछले दिनों एनजीटी के चेयरमैन भूरेलाल ने बहादुरगढ़ क्षेत्र का दौरा किया था। इलाके में बढ़ते प्रदूषण को उन्होंने गंभीरता से लिया और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड एवं प्रशासन को इस दिशा में कदम उठाने की हिदायत दी थी। इसी सिलसिले में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, नगर परिषद, फायर ब्रिगेड के अधिकारियों की टीम ने आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर को दस्तक दी। अधिकारी यहां स्थित एक रंग बनाने वाली फैक्टरी में घुसे तो अंदर के हालात देखकर गुस्सा हो गए। फैक्टरी में हर जगह रंगीन पानी व कीचड़ फैला था। अग्निशमन यंत्र पुराने हो चुके थे, फैक्टरी की एनओसी संबंधी कागजात भी मालिक नहीं दिखा पाया। इसके बाद टीम एक गुलाल बनाने वाली फैक्टरी में दस्तक दी। यहां ज्यादा कुछ नहीं मिला तो नजदीक स्थित एक अन्य फैक्टरी में दस्तक दी। यहां भी पहली फैक्टरी जैसे हालात थे। बता दें कि ये तीनों फैक्ट्रियां दिल्ली निवासी जितेंद्र की हैं। दरअसल, पॉल्यूशन बोर्ड को शंका थी कि इन फैक्ट्रियों में बोरिंग करके रंगीन-केमिकल युक्त पानी जमीन में डाला जा रहा है। इसलिए इन फैक्ट्रियों में टीम ने बारीकी से जांच की, लेकिन टीम के हाथ कुछ नहीं लगा। अधिकारियों ने फिलहाल दो फैक्ट्रियों में काम रुकवा दिया। मालिक जितेंद्र को इन दोनों फैक्ट्रियों को फिलहाल आगामी कार्रवाई तक बंद रखने की हिदायत दी। टीम में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से साइंटिस्ट रणबीर सिंह, नगर परिषद ईओ अपूर्व चौधरी, एमई, बीआई, नगर परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि संदीप राठी, पार्षद सत्यप्रकाश छिकारा सहित फायर ब्रिगेड के अधिकारी भी शामिल थे।
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जिला उपायुक्त ने सभी विभागों की टीम गठित की थी और कहा था कि फैक्ट्रियों का दौरा करें, कोई फैक्टरी प्रदूषण का कारण बनी है तो उस पर कार्रवाई की जाए। उपायुक्त के आदेशों पर ही यह कार्रवाई की गई। रंग बनाने वाली दो फैक्ट्रियों में खामी मिली है। उसके मालिक की एनओसी एवं अन्य जरूरी दस्तावेज मंगाए गए हैं और काम रुकवा दिया गया है। फिलहाल जांच जारी है, यदि मालिक कागजात एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाता तो दोनों सील कर दी जाएंगी। आगे भी फैक्ट्रियों में जांच जारी रहेगी।
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रणबीर सिंह, साइंटिस्ट, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

---फोटो 4 : रंग बनाने वाली फैक्टरी में पहुंचे अधिकारी।
---फोटो 5 : रंग बनाने की फैक्टरी में काम करते कर्मचारी।
---फोटो 6 : रंग बनाने की फैक्टरी में काम करते कर्मचारी।
---फोटो 7 : इन अग्निश्मन यंत्रों की हो चुकी है डेट एक्सपायर।
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