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यूरिया का बैग 30 रुपये महंगा देने पर किसानों ने मंडी में किया हंगामा, पुलिस को भी बुलाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। यूरिया के प्रति बैग पर निर्धारित से 30 रुपये अधिक लेने पर मंगलवार दोपहर को किसानों ने मंडी में हंगामा कर दिया। किसानों ने 270 रुपये के निर्धारित रेट की बजाय 300 रुपये लेने का आरोप लगाकर मौके पर पुलिस को बुला ली। करीब आधे घंटे तक पुलिस अनाज मंडी में मौजूद रही और रिटेलर के बैग वापस लेने पर किसान शांत हुए। इसके बाद वे मामले की शिकायत करने लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी के नाम एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को ज्ञापन सौंपा। इन किसानों ने लूट का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, रिटेलर ने किसानों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
दादरी अनाज मंडी पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के झज्जर जिला प्रधान झामरी निवासी राजेश ने बताया कि सोमवार को वह किसान सज्जन और सतवीर के साथ कपास बेचने दादरी मंडी आया था। कपास बेचते समय उनकी एक व्यक्ति से मुलाकात हो गई। बातों बातों में उन्होंने यूरिया का बैग खरीदने की बात उक्त व्यक्ति को बताई। इसके बाद उक्त शख्स ने उसे मंडी में यूरिया खरीदने के लिए एक दुकान का नंबर बताया। उक्त शख्स ने कहा कि कृभको कंपनी का 45 किलोग्राम वजन का बैग उन्हें वहां से 300 रुपये में मिलेगा। इसके बाद जब उन्होंने इस कंपनी के यूरिया खाद के बैग का रेट पता किया तो 270 रुपये होने की पुष्टि हुई।
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राजेश ने आरोप लगाकर कहा कि किसानों के साथ दादरी मंडी में की जा रही लूट का का पता लगाने के लिए वे उक्त दुकान पर पहुंचे और 25 बैग यूरिया खरीदने की बात कही। इस पर फर्म मालिक ने सल्फर न खरीदने पर यूरिया का एक बैग 300 रुपये में देने की बात कही। उन्होंने 7500 रुपये की अदायगी कर 25 बैग गाड़ी में लोड करवा लिए। इसके बाद जब उन्होंने फर्म मालिक से 30 रुपये अधिक वसूलने का कारण पूछा। तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और इसके चलते पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को सुना। राजेश ने बताया कि मामला बढ़ता देख उक्त फर्म मालिक ने गाड़ी में लादे 25 बैग उतरवा लिए और 7500 रुपये वापस दे दिए। वहीं, फर्म मालिक का कहना है कि उसने 270 रुपये प्रति बैग के हिसाब से ही लिए थे और उस पर लगाए आरोप बेबुनियाद हैं।

पहले डिस्ट्रीब्यूटर्स तो फिर किसानों को जबरदस्ती दी जा रही सल्फर
मंडी सूत्रों की मानें तो यूरिया का बैग खरीदने पर एजेंसी डिस्ट्रीब्यूटर्स को सल्फर खरीदने के लिए बाध्य करती है। सल्फर की आवश्यकता बिजाई के समय पड़ती है। अब किसान केवल यूरिया ही खरीदने मंडी पहुंचते हैं। ऐसे में डिस्ट्रीब्यूटर्स किसान को यूरिया के साथ सल्फर भी बेचने का प्रयास करते हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर किसान सल्फर का बैग खरीदते हैं तो उन्हें यूरिया का बैग 270 रुपये में दिया जाता है जबकि केवल यूरिया खरीदने पर प्रति बैग 300 रुपये लिए जाते हैं। यह सब डिस्ट्रीब्यूटर्स खुद को नुकसान से बचाने के लिए कर रहे हैं।
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एसडीएम को ज्ञापन सौंप जानकारी दी
किसान जनहित समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पहलवान के नेतृत्व में किसान एसडीएम ओमप्रकाश देवराला से भी मिले। उन्होंने एसडीएम को पूरे वाक्य की जानकारी दी। प्रतिदिन सैकड़ों किसानों के साथ प्रशासन की नाक तले लूट हो रही है। समिति पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच करने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की भी मांग की।

इस संबंध में मुझे ज्ञापन सौंपा गया है। आरोपों की मैं अपने स्तर पर जांच करूंगा और अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
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