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दस दिन बाद भी कैंसर पीड़ित की शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई, आज मिलेंगे जीएम से

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बहादुरगढ़। प्राइवेट बस चालकों और परिचालकों की मनमानी कोई आम बात नहीं है। आए दिन किसी न किसी यात्री से झगड़ा होना प्राइवेट बस परिचालकों से आम बात हो गई है। झज्जर से दिल्ली जाने के लिए बस में बैठे कैंसर पीड़ित को प्राइवेट परिचालक ने बीच रास्ते में उतार दिया था। मामला है 23 नवंबर का। बहादुरगढ़ पहुंचे कैंसर पीड़ित ने इसकी शिकायत सब डिपो में लिखित में एसएस को दी। शिकायत देने के बाद पीड़ित रोडवेज की बस में बैठकर दिल्ली जाने के लिए रवाना हो गया।
झज्जर से दिल्ली जाने के लिए प्राइवेट बस में बैठे गांव काकडौली निवासी कैंसर पीड़ित राजपाल पुत्र प्रताप सिंह परिचालक ने पहले तो किराया मांगा, तो पीड़ित ने कहा कि मैं कैंसर पीड़ित हूं और दिल्ली में एम्स दिखाने के लिए जाना है। मेरे पास कैंसर पीड़ित का पास है ये देखो। पास देखते ही परिचालक बोला कि मैं कोई पास नहीं मानता है अगर सफर करना है तो किराया देना ही पड़ेगा, नहीं यही उतार दूंगा। कैंसर पीड़ित ने किराया देने में असमर्थता जताई तो परिचालक ने रास्ते में पड़ने वाले गांव दुल्हेड़ा में उतार दिया। कैंसर पीड़ित ने बताया कि वह किसी अन्य साधन की मदद से बहादुरगढ़ पहुंचा और रोडवेज स्टैंड पर स्थित कर्मचारियों को पूरी बात बताई। बस स्टैंड पर मौजूद एसकेएस के प्रधान भगवान सिंह राठी ने कैंसर पीड़ित की बात सुनकर एसएस से मिलवाया। एसएस ने पीड़ित की पूरी बात सुनी और लिखित में शिकायत देने के लिए कहा। लिखित में शिकायत देने के बाद पीड़ित को आश्वासन दिया कि इस मामले में प्राइवेट परिचालक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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अभी दिल्ली में हूं, आते ही मिलूंगा अधिकारी से
कैंसर पीड़ित राजपाल ने बताया कि 23 को इलाज के दिल्ली आया था तब से एम्स में ही हूं, लिखित शिकायत देकर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अभी तक न तो इस बारे में मेरे पास कोई फोन आया और न ही किसी ने शिकायत के बारे में संज्ञान लिया है। शनिवार को झज्जर आते ही रोडवेज के जीएम मिलकर शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी लेंगे।

24 नवंबर को भेजी शिकायत
कैंसर पीड़ित राजपाल ने पूरे मामले की जानकारी दी थी। लिखित में भी शिकायत दी गई थी। 24 नवंबर को शिकायत पर डिस्पैच नंबर डाल एसकेएस के प्रधान को दी गई थी, उन्हें कहा गया था कि शिकायत उच्चाधिकारियों को भेज दें।
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- धर्मवीर, एसएस बहादुरगढ़।

प्राइवेट बस परिचालक के खिलाफ आरटीए करेगा कार्रवाई
किसी भी तरह के फ्री या छूट वाले यात्रा पास को सभी बसों पर लागू होते हैं। अगर प्राइवेट बस परिचालक पास का मामने से इनकार करता है तो इसकी कार्रवाई आरटीए करेगा। अगर रोडवेज में कोई भी परिचालक पास नहीं मानता है तो इसकी शिकायत हमारे पास की जाती है।
- महताब सिंह खरब, जीएम रोडवेज।
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