अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी/बौंदकलां। अपने पिता के साथ बड़े भाईयों को स्कूल बस में बैठाने आए 20 माह के मासूम को स्कूल बस ने कुचल दिया। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद स्कूल बस चालक मौके से फरार हो गया। वहीं, पुलिस ने चरखी दादरी सिविल अस्पताल में मृतक के पिता के बयान पर आरोपी बस चालक पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने स्कूल बस को भी अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं, मृतक बच्चे का पोस्टमार्टम करवाकर शव पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। घटना की जांच के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी भी सिविल अस्पताल पहुंचे और हादसे के दौरान मिली खामियों पर स्कूल प्रबंधन समिति से भी पूछताछ की।
पुलिस को दी शिकायत में बौंदकलां निवासी अनिल ने बताया कि उसके तीन बेटे थे। दो बड़े बेटे बौंदकलां के वैश्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। अनिल ने बताया कि वीरवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वह अपने बड़े बेटे नैतिक (6), कार्तिक (4) को स्कूल बस में बैठाने के लिए गांव की मुख्य गली तक आया था। अनिल ने बताया कि दस दौरान उसका 20 माह का बेटा यश भी उसके साथ था। स्कूल बस में उसके दोनों बेटे बैठ, जिसके बाद चालक ने अचानक तेज गति से बस को भगा ली। इसी दौरान उसका छोटा बस यश बस के नीचे आ गया। अनिल ने बताया कि पहले बस का अगला और फिर पिछला टायर उसके बेटे के सिर के ऊपर से गुजरा, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक यश के परिजन देवेंद्र ने बताया कि घटना के बाद आरोपी चालक मौके से स्कूल बस लेकर फरार हो गया। इसके बाद घटना की सूचना बौंदकलां पुलिस थाने में दी गई। वहीं, परिजन यश को लेकर बौंदकलां सीएचसी पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन यश के शव को लेकर चरखी दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने यहां अनिल के बयान पर बस चालक राजबीर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया और यश का पोस्टमार्टम कराया।
बीईओ ने अस्पताल पहुंचकर स्कूल प्रबंधन समिति को लगाई फटकार
हादसे की सूचना मिलने के बाद बौंदकलां खंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश फौगाट भी सिविल अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बस में महिला हेल्पर की तैनाती न करने पर स्कूल प्रबंधन समिति को फटकार लगाई। बीईओ ने कहा कि प्राइवेट स्कूल संचालकों ने बसों को पैसे कमाने का धंधा बना लिया है। अगर बस में हेल्पर तैनात होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
नहीं मिलती महिला हेल्पर, शिक्षिकाओं को बना रखा है रूट इंचार्ज : अनिल गर्ग
बौंदकलां वैश्य एजुकेशन सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी अनिल गर्ग ने बताया कि बसों के लिए महिला हेल्पर नहीं मिलती हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उन्होंने स्कूल शिक्षिकाओं को रूट इंचार्ज बना रखा है। उन्होंने बताया कि बच्चा अचानक गली में निकल आया और बस के पिछले टायर उसके ऊपर से गुजर गए जिससे उसकी मौत हो गई है।
स्कूल बस के नीचे आने से बच्चे की मौत हो गई है। पुलिस ने बस के चालक के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
-राजेंद्र सिंह, बौंदकलां थाना प्रभारी