अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। वार्डों की समस्याओं की नजरअंदाजी से खफा वार्ड पार्षदों ने सोमवार को डीसी ऑफिस पहुंचकर मजबूरन सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दे डाली। पार्षदों ने बाकायदा ज्ञापन के जरिए डीसी को इस्तीफा देने के कारणों की जानकारी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी अजय सिंह तोमर ने बिजली निगम व जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही बुला लिया और सभी पार्षदों की एक के बाद एक समस्या उनके सामने रखकर समाधान संबंधी आश्वासन दिलाया।
करीब पौने घंटे तक बंद कमरे में डीसी, पार्षदों व अधिकारियों की बैठक चली। बैठक के बाद बाहर आए पार्षदों ने बताया कि उन्हें डीसी ने समस्याओं का जल्द हल करने का आश्वासन दिया है। अगर अगले 10 दिन में प्रशासन की ओर से सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वो चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस्तीफा सौंपेंगे।
पार्षद सोमवार सुबह करीब 10 बजे नगर परिषद कार्यालय में एकत्र हुए। चेयरमैन संजय छपारिया बीमारी के चलते थोड़ी देरी से बैठक में पहुंचे। इसके चलते बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पार्षद रविंद्र गुप्ता ने की। करीब 20 मिनट तक पार्षदों ने मौजूदा हालातों पर मंथन किया। इस दौरान पार्षदों ने विभागीय अधिकारियों पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से न लेने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। बैठक में सभी पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे को लेकर अपना-अपना तर्क रखा।
पार्षद रविंद्र गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में पहले डीसी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी जाएगी। इस पर सभी पार्षद एकमत हो गए। हालांकि इस बैठक में कोई भी महिला पार्षद नहीं पहुंची, लेकिन उनके प्रतिनिधि जरूर पहुंचे। यहां से सभी पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि लघु सचिवालय पहुंचे। जहां डीसी अजय तोमर से मुलाकात कर उन्हें शहर के मौजूदा हालातों की जानकारी दी। इस मौके पर वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, महेश गुप्ता, आनंद महराणा, दिनेश जांगड़ा, प्रवीन सैनी, कुलदीप गांधी, सतबीर, मनोज वर्मा, बक्शी सैनी, वीरेंद्र पप्पू, वीरेंद्र चरखी, रोहित राजपूत, विनोद वाल्मीकि, सुभाष स्वामी, कृष्ण आदि उपस्थित थे।
ये हैं पार्षदों के सामूहिक इस्तीफा देने के कारण
- जन स्वास्थ्य विभाग सीवर व पानी की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा। पूरे शहर में सीवरेज जाम पड़े हैं। पेयजल सप्लाई में सीवरेज का दूषित पानी मिक्स होकर घरों में पहुंच रहा है।
- शहर में सीवरेज व पेयजल की लाइनें डालने के लिए विभाग संजीदा नहीं है। वहीं, सरकार द्वारा भी धरातल पर इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए विभाग के खाते में बजट नहीं डाला जा रहा है।
- बिजली विभाग शहर में कंडम पुरानी तारों को नहीं बदल रहा है और न ही लोहे के पोल लगाए जा रहे हैं। बिजली बिलों में भी मनमर्जी से मीटर रीडिंग दर्शाकर गलत बिल उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे हैं।
- समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पार्षद जब संबंधित विभाग के अधिकारी या कर्मचारी के पास जाते हैं तो उनसे दुर्व्यवहार किया जाता है। बार-बार शिकायत करने पर भी बर्ताव में सुधार नहीं हो रहा।
- नगर परिषद के विकास कार्यों की फाइलें कई-कई माह तक पेंडिंग रहती हैं। विकास कार्यों की मॉनीटरिंग नहीं की जाती जिस कारण ठेकेदार काम छोड़ देते हैं। वार्डों में सफाई व्यवस्था भी बदहाल है।
- जन स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर का दादरी से तबादला कर अन्य सुपरवाइजर को नियुक्त करने की मांग। अधिकारियों पर लगाया पार्षदों की शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप
डीसी की मध्यस्तता में पार्षदों को ये आश्वासन मिला
- हर सप्ताह शुक्रवार और रविवार को भिवानी से सुपर शकर मंगवाई जाएगी और इससे शहर की सभी सीवरेज लाइनों को खोला जाएगा। इसके अलावा सीवरेज सफाई कर्मियों की संख्या सात से बढ़ाकर 15 की जाएगी।
- जन स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर का तबादला किया जाएगा और जो भी पार्षदों से दुर्व्यवहार करेगा। उन कर्मियों के खिलाफ भविष्य में विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- बिजली निगम जल्द ही शहर के सभी कंडम बिजली तारों को बदलकर उनकी जगह नए तार लगाएगा। इसके अलावा गलत बिजली बिल दुरुस्त कराने के लिए पार्षदों को हेल्प लाइन नंबर भी मुहैया कराया गया।
वर्जन
डीसी की मौजूदगी में बिजली निगम और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दे दिया है। अगर अगले 10 दिन में अधिकारियों का सकारात्मक रवैया सामने नहीं आया तो फिर चंडीगढ़ पहुंचकर सभी पार्षद सीएम मनोहर लाल को सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।
महेश गुप्ता, वार्ड-2 पार्षद।