अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। नगर परिषद अधिकारियों की ओर से बुधवार को कार्यालय के बाहर हाउस टैक्स (प्रापर्टी टैक्स) में बढ़ोतरी के आदेशों के नोटिस चस्पा किए गए। जोकि कुछ पार्षदों को रास नहीं आए और उन्होंने चस्पा किए गए नोटिस को फाड़ दिया। दरअसल, नगर परिषद के ईओ ने शहरवासियों के लिए शर्त रख दी थी कि डोमिसाइल और अन्य दस्तावेजों के लिए आने वाले लोगों को पहले हाउस टैक्स का नो ड्यूज देना होगा। उसके बाद ही उनका काम होगा। उधर, पार्षदों ने इसे तुगलकी फरमान बताया है। बाद में यह मामला जिला उपायुक्त सोनल गोयल के पास पहुंचा और उन्होंने नप अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए सिरे से शहर में प्रापर्टी का सर्वे कराकर इसे ऑनलाइन किया जाए। साथ ही प्रापर्टी टैक्स वसूली में भी तेजी लाई जाए।
नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार पिछले एक-दो वर्षों में हाउस टैक्स वसूलने में कमी आई है। ऐसे में नप ईओ अपूर्व चौधरी की ओर से बुधवार को आदेश जारी किया गया। आदेश में नप ईओ ने लोगों से शर्त रख दी कि डोमिसाइल और अन्य दस्तावेज के लिए आने वाले लोग पहले अपना हाउस टैक्स जमा कराए। उसके बाद ही उनका काम होगा। ऐसे में अब काम के लिए आने वाले लोगों को पहले हाउस टैक्स की नो ड्यूज की रसीद दिखानी होगी। इस आदेश के बाद लोग परेशान हो गए। इसी बीच नगर परिषद में पहुंचे पूर्व चेयरमैन रवि खत्री व अन्य पार्षदों के समक्ष भी यह मामला उठा। उन्होंने इसे तुगलकी फरमान मानते हुए दीवारों पर चस्पा आदेश पत्र की प्रतियों को फाड़ दिया। नतीजतन नगर परिषद में यह व्यवस्था नहीं बन पाई।
डीसी के सामने भी उठा मामला
नगर परिषद के ईओ की ओर से आदेश जारी करने और पार्षदों की ओर से इसकी प्रतियां फाड़ने से संबंधित मामला रेस्ट हाउस में उपायुक्त सोनल गोयल के सामने भी उठा। वे बुधवार को बहादुरगढ़ के दौरे पर आई थी। उन्होंने भी कहा कि इस तरह से तो नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नगर परिषद ईओ अपूर्व चौधरी को निर्देश दिए कि नए सिरे से प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन करके इसे ऑनलाइन किया जाए और वसूली के लिए नोटिस जारी किए जाए। इस तरह से हाउस टैक्स में बढ़ोतरी होगी।
डीसी ने दिया गुुरुग्राम व फरीदाबाद का उदाहरण
जिला उपायुक्त सोनल गोयल ने गुरुग्राम और फरीदाबाद का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी हाउस टैक्स व्यवस्था को सुदृढ़ करके करोड़ों का टैक्स संग्रहण किया गया था। उपायुक्त ने कहा कि टैक्स की अदायगी तो लोगों के लिए फायदेमंद है। इस पैसे से लोगों के लिए ही सुविधाएं दी जाती हैं।
डीसी ने तबेला स्कूल की जर्जर हालत पर रिपोर्ट तलब की
उपायुक्त ने बहादुरगढ़ के तबेला स्कूल की जर्जर हालत पर भी रिपोर्ट तलब की। किला मोहल्ला के पास बना यह स्कूल काफी पुराना है। ऐसे में उपायुक्त ने बी एंड आर विभाग के एक्सईएन केएस पठानिया को निर्देश दिए कि स्कूल भवन को कंडम घोषित करवा कर इसके पुन: र्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस दौरान एसडीएम जगनिवास भी मौजूद रहे।