कर्नाटक में राज्यपाल ने उड़ाया संविधान का मजाक : कांग्रेस
चरखी दादरी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर लोकतंत्र बचाओ दिवस मनाते हुए कांग्रेसी कार्यकर्ता ने जिला मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना दिया। इससे पहले रोज गार्डन से लेकर लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सचिवालय परिसर में आयोजित धरने पर कहा कि केंद्र के इशारे पर कर्नाटक के राज्यपाल ने लोकतंत्र की हत्या की है।
बहुमत प्राप्त कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की बजाए 222 विधायकों वाले सदन में सिर्फ 104 सीट वाली भाजपा पार्टी के बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी। इससे भी बड़ी बात ये रही कि भाजपा ने जहां सदन में बहुमत साबित करने के लिए सात दिन का समय मांगा वहीं राज्यपाल ने पंद्रह दिन की मोहलत दी। इससे साफ है कि केंद्र सरकार की इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका रही है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि राज्यपाल ने सदन में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय इसलिए दिया है ताकि कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को लोभ प्रलोभन दिया जा सके। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार, मणिपुर, गोवा, और मेघालय में चुनावों में जीतकर आए सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया गया जबकि कर्नाटक में सबसे बड़े दल की दुहाई देकर भाजपा को मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को इस चुनाव में तार तार करके रख दिया है। इस अवसर पूर्व विधायक धर्मपाल सांगवान, सुरेंद्र परमार, राजू मान, अजीत सिंह फौगाट, दयानंद एडवोकेट, रणधीर घिकाड़ा, डॉ ओमप्रकाश, प्रवीन चेयरमैन, आनंद एडवोकेट रुदड़ोल, सुशील धानक, जयसिंह कटारिया, सत्या लेघा, राजबाला श्योराण जिला पार्षद, विजय खोरड़ा, जगदीप सांगवान, सज्जन डांडमा, रमेश चिड़िया, राजेंद्र निमली, सुनील सांगवान आदि मौजूद थे।