अमर उजाला ब्यूरो
बादली (झज्जर)।
क्षेत्र में गुलिया खाप की एकजुटता का मामला सिरे नहीं चढ़ पा रहा। खाप में फिलहाल दो अध्यक्ष हैं। दोनों में से एक को प्रधान बनाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। दोनों गुटों में से किसी एक व्यक्ति को गुलिया खाप का अध्यक्ष बनाने के लिए 29 अप्रैल को गांव सुहरा में बैठक बुलाई गई थी। बैठक से पहले सोंधी गांव में शुक्रवार को खाप के लोगों ने सुनील जहांगीरपुर को प्रधान चुन दिया। ऐसे में खाप की एकजुटता का सपना सिरे चढ़ता नजर नहीं आ रहा। हालांकि अभी खाप की 29 अप्रैल की भी बैठक होनी है, जिसमें कोई भी फैसला लिया जा सकता है।
शुक्रवार को सोंधी में हुई पंचायत में जिला पार्षद मामन बादली, रणबीर बादली, महावीर पेलपा, अमित, जगदीश व जितेंद्र शामिल थे। जबकि सुनील को प्रधान घोषित करने का विरोध करने वाले ग्रुप में नरेशपाल के अलावा जगदीश निमाना, अजीत ठेकेदार, विनोद बादली, जय सिंह किलोई, रामफल सुहरा, महेंद्र दरियापुर, अमित बादली, राम कंवार नंबरदार, करतार बामड़ोला व सतनारायण खेड़ी जट्ट शामिल हैं। विरोधी गुट से नरेशपाल का तर्क है कि 29 अप्रैल को सुहरा गांव में पंचायत के लिए पहले ही चिट्ठी जारी की जा चुकी थी, तो 29 की पंचायत से पहले ही सोंधी में गुलिया की बैठक करने का कोई औचित्य नहीं था।
अब देखना यह है कि सुहरा गांव में होने वाली महापंचायत में खाप की एकजुटता के लिए किए जा रहे प्रयास कहां तक सफल हो पाते हैं। बता दें कि वर्तमान समय में गुलिया खाप में दो अध्यक्ष हैं। एक नरेशपाल बादली तो दूसरे सुनील जहांगीरपुर हैं। पंद्रह दिन नरेशपाल की ओर से बादली में पंचायत की गई थी, जिसमें खाप को एकजुट रखने के लिए एक प्रधान रखने के लिए विस्तार से चर्चा हुई थी। इसके लिए बादली की चौपाल में ही फैसला लिया गया कि सुहरा गांव में 29 अप्रैल को महापंचायत होगी, जिसमें खाप को एकजुट किया जाएगा। अब देखना ये है कि खाप की एकजुटता के प्रयास कितने सफल होते हैं।