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न दुकानदार हटा रहे न प्रशासन हटा पा रहा कब्जे, कोर्ट से मिल रही तारीख पर तारीख

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
नाहरा-नाहरी रोड पर व्याप्त अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। न तो दुकानदार खुद कब्जों को हटा रहे हैं और न ही प्रशासन इन्हें हटा पा रहा। इस मामले में कोर्ट में चल रहे केस का मंगलवार को भी फैसला नहीं हो पाया। पिछली छह तारीखों की तरह यह सातवीं तारीख भी बिना निर्णय के चली गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 मई को होगी।
सरकारी जमीन पर बने हैं पक्के चबूतरे
शहर के रेलवे रोड और नाहरा-नाहरी रोड पर लगने वाले बाजार बुरी तरह अतिक्रमण का शिकार हैं। सड़कों पर तो सामान रखा जाता ही है, कुछ दुकानदारों ने तो दुकान के काफी बाहर तक सरकारी जमीन पर चबूतरे बनाकर पक्के कब्जे किए हैं। इस वजह से इन बाजारों में हर वक्त अव्यवस्थाएं हावी रहती हैं। प्रशासन की ओर से भी बाजार में छोटे दुकानदारों पर तो कार्रवाई की जाती है मगर पक्के कब्जे आज नहीं टूटे। इन पक्के चबूतरों और पगडंडी तक दुकानदारों का सामान रखा रहता है। इससे आम लोगों को बेहद परेशानी हो रही है।
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कागजों में ये है स्थिति
नाहरा-नाहरी रोड पर बनी कमेटी की लगभग 100 दुकानें दस्तावेजों में 10 बाई 12 की हैं। इनके आगे पैदल छह फुट का बरामदा है। मगर जमीनी स्तर पर देखें तो पैदल राहगीरों के लिए बनाया गया बरामदा दिखाई नहीं पड़ता। अधिकांश दुकानदारों ने उक्त बरामदे पर पक्के चबूतरे बना रखे हैं। कई ने बरामदे के बाहर शटर लगाकर दुकानें बढ़ा रखी हैं। अतिक्रमण कुछ इस कद्र हावी है कि कागजों में 66 फुटा यह रोड अब सिमट कर लगभग 32 फुट का रह गया है।
14 जुलाई को डाली याचिका
इस मुद्दे को उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ता राहुल मंडोरा ने गत 14 जुलाई को एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर की। अब इस बात को 8 महीने बीत गए हैं, मगर फैसला नहीं हो पा रहा। मंगलवार को केस की सातवीं तारीख पर दोनों पक्ष एसडीएम कोर्ट में पेश हुए और अपने-अपने बयान दर्ज कराए। मगर पिछली 6 तारीखों की तरह यह सातवीं तारीख भी खाली चली गई। मंडोरा के मुताबिक इससे पहले 14 जुलाई, एक अगस्त, 22 सितंबर, सात नवंबर, 28 नवंबर, 23 जनवरी को सुनवाई हुई थी।
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गुमराह कर रहे हैं दुकानदार
राहुल मंडोरा ने कहा कि दुकानदार हर तारीखों पर यह बयान देते हैं कि उन्होंने कब्जे हटा लिए हैं, जबकि स्थिति ज्यों की त्यों हैं। पिछली बार भी दुकानदारों ने यही कहा था। इसलिए इस बार उन्होंने उक्त कब्जों की सीडी बनाकर कोर्ट में पेश की है। मंडोरा ने कहा कि यदि यूं ही तारीख पर तारीख मिलती रही तो अवैध कब्जे कभी हट ही नहीं पाएंगे। फिलहाल अगली तारीख 15 मई दी गई है। उन्हें यकीन है कि इस मामले में जनता के हित में फैसला होगा।
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