अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
यूरिया खाद को लेकर प्रदेशभर में मारामारी चल रही है तो कृषिमंत्री ओपी धनखड़ का गृह जिला भी इससे अछूता नहीं है। खाद को लेकर परेशान किसानों में खासा रोष है। खाद को लेकर मची मारामारी पर अमर उजाला ने किसानों की इस समस्या को करीब से जानने व उनका पक्ष सरकार व प्रशासन तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार को सहकारी खाद विक्रय केंद्र का दौरा किया। जब टीम ने खाद पहुंचने की जानकारी जुटाई तो पता चला कि आज खाद सरकारी दुकान पर नहीं आएगी। निजी दुकानों पर ही शुक्रवार को खाद किसानों के लिए उपलब्ध रहेगा जिन्हें भी रिकॉर्ड को मेंटेन कर बांटना होगा। इस पर अमर उजाला की टीम भगत सिंह चौक स्थित एक निजी दुकान पर पहुंची जहां पर किसानों की काफी भीड़ लगी हुई थी।
मशीन खराब बताकर किया शटर डाउन
किसानों ने बताया कि जब खाद लेने के लिए दुकान पर पहुंचे तो दुकानदार ने आधार कार्ड अपडेट करने वाली मशीन को खराब बताकर दुकान का शटर डाउन कर दिया। किसानों ने जब कहा कि वे आधार कार्ड की कॉपी रख लें और बाद में अपडेट कर दें। जिस पर दुकानदार ने साफ मना कर दिया कि वह रिकॉर्ड अपडेट किए बिना खाद नहीं दे सकता। वहीं किसानों का कहना था कि दुकानदार खाद जानबूझकर नहीं दे रहा क्योंकि उसके पास करीब 200 बैग ही बचे थे और वो अपने चहेतों को यह देना चाहता है।
आवश्यकता से काफी कम आया खाद
गेंहू व सरसों बिजाई के रकबे के हिसाब से झज्जर जिले के किसानों को 35 हजार एमटी यूरिया खाद की आवश्यकता है जिसका 13 हजार 700 एमटी यूरिया अभी तक जिले में आया है। जबकि किसानों को खाद की अधिक मात्रा में आवश्यकता जनवरी तक ही होती है। इससे लग रहा है इस बार यूरिया पूरी मात्रा में किसानों को विभाग उपलब्ध नहीं करवा पाएगा।
किसान बोले: फसल में खाद नहीं डाली तो आधी हो जाएगी पैदावार
1. रिवाड़ीखेड़ा निवासी किसान सुरेंद्र ने बताया कि वे यूरिया लेने के लिए अलसुबह ही पहुंच गए थे। विभाग की दुकान पर पहुंचे तो पता चला कि वहां पर आज खाद नहीं आया है। अगर खाद नहीं डाली तो फसल की पैदावार ही आधी रह जाएगी।
2. रिवाड़ीखेड़ा के ही किसान रोहताश ने कहा कि खाद डाले बिना गेहूं की फसल में फुटाव नहीं होता। ऐसे में उन्हें अब खाद मिल नहीं रही और कृषिमंत्री हर सभा में दावा करते हैं कि खाद की कमी नहीं रहेगी लेकिन अब पता नहीं उन्हें हालात क्यों नहीं दिखाई दे रहे। किसान इसका जवाब समय आने पर देंगे।
3. गुढा निवासी किसान विजय कुमार ने बताया कि खाद की ज्यादा दिक्कत तो दिसंबर और जनवरी में ही होती है। इसके बाद तो खाद की आवश्यकता नहीं रहेगी। अब खाद के लिए निजी दुकान पर आए तो मशीन खराब बताकर दुकानदार ने शटर डाउन कर दिया और किसानों की भीड़ देखकर यहां से चला गया।
4. किसान रामदास ने कहा कि सरकार को समझ नहीं आ रहा कि किसानों को यूरिया की जरूरत दिसंबर और जनवरी में होती है। सरकार को इन दो महीनों के लिए पहले ही स्टॉक रखना चाहिए था।
अधिकारी बोले: मार्च तक चलेगा सीजन
कृषि विभाग के उपनिदेशक रोहताश का दावा है कि खाद का सीजन मार्च तक चलता है। इनके अनुसार किसानों को खाद की आवश्यकता मार्च तक रहेगी, तब तक ये 35 हजार एमटी का कोटा पूरा कर देंगे। वहीं किसान कह रहे हैं कि खाद तो केवल जनवरी तक ही चाहिए, इसके बाद खाद की कोई खपत नहीं है।
मंत्री बोले: विपक्षी बना रहे हैं झूठा मुद्दा
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि यूरिया खाद की कमी को लेकर विपक्ष द्वारा झूठा मुद्दा बनाया जा रहा है। प्रदेश में कहीं भी यूरिया खाद की कोई कमी नहीं है। बस थोड़ी सी व्यवस्था परिवर्तित की गई है। मंत्री के अनुसार खाद की जरूरत के हिसाब से रैक आ रहे हैं।
वीरवार को पुलिस पहरे में बंटा खाद, शुक्रवार को भीड़ देख गिराया शटर
-कृषिमंत्री के गृह जिले में यूरिया खाद की मारामारी
-सीजन में 35 हजार एमटी की जरूरत, अभी तक पहुंचा 13,700 एमटी