अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गांव डाबौदा खुर्द की सरपंच के खिलाफ 11 पंचों ने मोर्चा खोल दिया है। पंचों का कहना है कि सरपंच की ओर से विकास कार्यों में गोलमाल किया जा रहा है। स्वागत द्वार और कूड़ेदान के नाम पर गबन किया गया है। पंचों ने गांव में प्रशासक के जरिए विकास कार्य कराने की मांग की है। गांव के कुल 13 पंचों में से 11 सरपंच के खिलाफ हो चुके हैं।
डाबौदा खुर्द गांव की सरपंच पुष्पा तंवर की कार्यशैली विवादों में घिर गई है। गांव के 13 में से 11 पंचों ने सरपंच के खिलाफ बगावत कर दी है। पंचों ने सरपंच के विरोध में शपथ पत्र भी दे रखे हैं। पंचों के इसी विरोध के चलते खंड विकास कार्यालय ने दोनों पक्षों के साथ बैठक कर उनका पक्ष जान लिया है। खंड कार्यालय में हुई बैठक में पंचों ने सरपंच पर विकास कार्यों में अनियमितता करने के आरोप लगाए हैं। पंच मंजीत व जोगेंद्र का कहना है कि सरपंच ने स्वागत द्वार और डस्टबिन के नाम पर पैसों का गबन किया है। इसलिए गांव में एडमिनिस्ट्रेटर लगाकर काम कराने चाहिए।
पंचों का ये भी आरोप है कि जिन गलियों को पक्की बनाया जाना जरूरी था वो गलियां नहीं बनाई गई। हाल ही में बनवाई गई गलियां अभी से टूटने लगी हैं। गांव में पंचों और सरपंच के बीच चल रही रस्साकशी के कारण गांव के विकास कार्य भी लगभग ठप पड़े हैं।
पहले भी दी थी सरपंच की शिकायत
ब्लॉक समिति के सदस्य संदीप मलिक का कहना है कि गांव के 11 पंचों ने प्रशासन को महीनों पहले ही सरपंच की कारगुजारियों की शिकायत दी थी। फिलहाल सरपंच के खिलाफ पंचों के बहुमत को देखते हुए खंड विकास और पंचायत अधिकारी अब गांव में प्रशासक लगाकर विकास कार्य कराने की मांग पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
सभी आरोप निराधार : सरपंच
सरपंच पुष्पा तंवर ने इन पंचों के आरोप निराधार बताए हैं। उन्होंने कहा कि वह गांव का चौतरफा विकास करवा रही हैं। सभी काम बिना भेदभाव के कराए जा रहे हैं और पंचों की सहमति से करवाए गए हैं।
डाबौदा खुर्द की सरपंच पर विकास कार्यों में हेराफेरी का आरोप, 13 में से 11 पंच विरोध में
प्रशासक नियुक्त करने की मांग