अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की झज्जर जिला इकाई में टकराव दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है और दो फाड़ हुई संघर्ष समिति के दोनों ही गुटों द्वारा एक दूसरे को धूल चटाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। महीने भर से निरंतर जारी आपसी विवाद की इसी कड़ी में समिति से त्यागपत्र दे चुके कई सदस्यों ने जिला उपायुक्त के नाम एक मांग पत्र सौंपते हुए झज्जर के राशलवाला चौक पर दिए जा रहे धरने को हटाए जाने की मांग की है और कुर्की आदेश वापस लेने की गुहार लगाई है।
पिछले दिनों अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को 61 लाख की राशि जाट सेवा संघ के नाम पर जाने के विरोध में समिति से त्यागपत्र देने वाले सदस्यों ने उपायुक्त से मांग की है कि राशलवाला चौक पर चल रहे धरने को जल्द हटाया जाए। क्योंकि धरना दिए जाने के लिए दी गई परमिशन की समय अवधि अप्रैल माह में समाप्त हो चुकी है और धरने के नाम पर अब राजनीति की जा रही है। मांग करने वाले सदस्यों ने स्वयं को समिति से अलग बताते हुए प्रॉप्रर्टी कुर्की के आदेश को वापस लिए भी मांग की है।