बादली। खेतों से बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से बड़े रकबे में जलभराव है। पानी बुपनियां, गंगड़वा, गुभाना और जरदकपुर सहित बादली गांवों के खेतों में भरा है। कई गांवों के खेतों में चार फीट से ज्यादा पानी भरा होने से जहां ज्वार और बाजरा की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है वहीं अगली खेती न होने की चिंता भी किसानों को सताने लगी है। खेतों में पानी भरने से 900 एकड़ फसल खराब हो गई है।
खेतों में धान की पौधों के ऊपर पानी ही पानी नजर आ रहा है। बुपनियां, गुभाना, बादली और जरदकपुर गांव की जमीन लेवल से नीचे हैं जिस कारण जलभराव की स्थिति बनी है। पानी की मार से फसल बर्बादी का दंश झेल रहे किसान एक बार फिर से अपनी फसल की बर्बादी पर आंसू बहाने को मजबूर हो गए हैं।
किसान कृष्ण, प्रवीन, भोलाराम, सचिन, जगबीर, चन्द्र, सुरेश, देवेंद्र, सचिन, सतनारायण, कपिल, चांद, प्रवेश और राजबीर का कहना है कि पानी निकासी का प्रबंध करना जरूरी है ताकि अगली फसल की तैयारी की जा सके।
किसानों ने की खराब हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग
गुभाना, माजरी, बुपनियां, जरदकपुर, लुकसर और गंगड़वा गांव के किसानों ने सरकार से खराब हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। धान लगाने पर किसानों ने लाखों खर्च कर दिया। ज्वार और बाजरा की खेती भी डूबकर खराब हो गई। खेतों में पानी को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
वर्जनखेतों में भरे पानी को निकालने के लिए पुख्ता प्रबंध करवाए जाएंगे। जहां भी समस्या होगी डीजल इंजन की मदद से पानी निकाला जाएगा। किसानों की समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
-डॉ. रमन गुप्ता, एसडीएम बादली।