उपभोक्ताओं के अनापशनाप बिजली बिल बनाने को लेकर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम का एक और कारनामा सामने आया है। यहां के सिटी-2 डिवीजन के उपभोक्ता का एक घर का 82 लाख, 63 हजार 569 रुपये का बिल भेज दिया गया। भारी-भरकम बिल देखकर परिवार के लोग सहम गए।
बिजली निगम के ऑफिस में कई माह से बिजली बिलों को लेकर ढेरों शिकायतें पहुंच रही हैं। जिन उपभोक्ताओं के बिल अमूमन दो से तीन हजार रुपये आते थे, उनके भी कई-कई हजार रुपये के बिल भेज दिए गए। खर्च हुई यूनिट से काफी अधिक बढ़े बिलों को देखकर हर कोई निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने लगा है।
हर रोज आने वाली ढेरों शिकायतों में से कुछ के बिल तो हाथोंहाथ ठीक कर दिए जाते हैं, लेकिन अनेक को अगले बिल तक ठीक करने के लिए कह दिया जाता है। शहर के पटेल नगर क्षेत्र में रामनिवास के मकान का नवंबर माह में जो बिल भेजा है, वह हजारों में नहीं बल्कि लाखों में है।
पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि उनके घर में ज्यादा लोड की चीजें भी नहीं चलती। उसके बावजूद निगम ने मनमाने तरीके से बिल भेज दिया। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से ड्यू डेट 10 दिसंबर 2015 तक 82 लाख 63 हजार 569 रुपये का बिल भेजा गया।
बिल भरने की अंतिम तारीख निकल जाने के बाद सरचार्ज के रूप में दो लाख 43 हजार 403 रुपये दर्शाया गया है। बिल पर पुरानी रीडिंग 18221 और नई 355 दर्ज हैं। बिल यूनिट 9 लाख 82 हजार 134 दर्शाई गई है। लाखों में मिले इस भारी भरकम बिल को देखकर आस-पड़ोस के लोग भी सकते में हैं।
कुछ माह पूर्व नई कंपनी की तरफ से पूरा डाटा कंप्यूटर में अपलोड किया गया है। बिल तैयार करने में कुछ चूक हुई है, लेकिन उपभोक्ता को परेशान नहीं होने दिया गया। उसके मीटर की रीडिंग की जांच करते हुए उचित बिल की अदायगी की गई। -उमेद शर्मा, एसडीओ बिजली निगम
कुछ बिलों में शिकायतें थीं, इनके निदान के लिए स्पेशल काउंटर उन्होंने बनवाए थे। लोगों से लिखित में शिकायत लेकर अधिकांश का समाधान कर दिया। बिल वितरण से पहले सभी बिलों की सही जांच करने के लिए कहा गया है। उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। -एसजी वत्स, एक्सईन, यूएचबीवीएन, बहादुरगढ़