अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। जिला मुख्यालय सिविल अस्पताल में एमएलआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब ऑनलाइन तैयार होंगी। अब तक यह काम मैन्युअली हो रहा था। चिकित्सकों को एक अक्तूबर से कार्यप्रणाली में बदलाव लाने के दिशा-निर्देश सीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव ने दे दिए हैं। आगामी एक-दो दिन में ही इसके लिए सेट-अप तैयार कर लिया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग ने अप्रूवल के लिए हेड ऑफिस इस संबंध में पत्र भेज दिया है। एमएलआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन तैयार होने से चिकित्सकों के अलावा पुलिस विभाग व मरीजों को भी कागजी कार्रवाई से होने वाली परेशानियों से दो-चार नहीं होना पड़ेगा।
चरखी दादरी जिला मुख्यालय अस्पताल हाईटेक होने की कड़ी में कदम बढ़ा रहा है। सीएमओ वीरेंद्र यादव ने कार्यभार संभालते ही अस्पताल परिसर में ई-उपचार जल्द शुरू करने के निर्देश चिकित्सकों व स्टाफ सदस्यों को दिए थे। हालांकि इस प्रक्रिया में अभी दो से ढाई माह का समय लग सकता है। सीएमओ ने बताया कि ई-उपचार सेवा शुरू करने के लिए सिविल अस्पताल में ओपीडी से लेकर चिकित्सक कक्ष व लैब में कंप्यूटर रखे जाएंगे और इसके बाद तमाम वर्क पेपरलेस हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सूची तैयार की जा रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप देकर डिमांड पत्र हेड ऑफिस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा अब सिविल अस्पताल में काटी जाने वाली एमएलआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ऑनलाइन करने का निर्णय भी लिया गया। सीएमओ ने बताया कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट पहले ही गाइड लाइन जारी कर चुका है।
सिविल अस्पताल में सीएमओ की पोस्ट लंबे समय तक खाली रहने के चलते यहां मैन्युअली ही दोनों रिपोर्ट तैयार की जा रही थी लेकिन अब इन्हें एक अक्तूबर से ऑनलाइन कर दिया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि एमएलआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन तैयार होने से जहां कागजी कार्रवाई से छुटकारा मिलेगा वहीं इससे समय की बचत भी होगी। इसके लिए चिकित्सकों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सीएमओ ने इस संबंध में चिकित्सकों की बैठक ली और बकायदा अगले माह से इसी प्रक्रिया को अपनाने के निर्देश दिए।
चिकित्सकों को दी जाएगी ट्रेनिंग, चार ऑपरेटरों भी होंगे नियुक्त
फिलहाल सिविल अस्पताल में तैनात चिकित्सकों को ऑनलाइन रिपोर्ट तैयार करनी नहीं आती है। चूंकि अस्पताल परिसर में फिलहाल कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कंप्यूटर सिस्टम यहां आने तक चिकित्सकों को इसके लिए एक सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाएगी। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में तैनात चिकित्सकों को चार ऑपरेटर भी मुहैया कराए जाएंगे ताकि उन्हें रिपोर्ट तैयार करने में आसानी हो।
ये होगा ऑनलाइन रिपोर्ट तैयार करने का फायदा
-सिविल अस्पताल का दोनों कामों में पेपरलेस हो जाएगा वर्क।
-चिकित्सकों को रिकॉर्ड संभालकर रखने की नहीं पड़ेगी जरूरत।
- मरीज या पुलिसकर्मी को हाथोंहाथ मिल सकेगी मरीज की रिपोर्ट।
- लंबे समय तक शेव रहेगा रिकॉर्ड और कोई नहीं कर सकेगा छेड़छाड़।
- रिपोर्ट तैयार होने के बाद नहीं हो सकेगी काट-छांट या छेड़छाड़।
- चिकित्सक की ओपीनियन सही तरीके से आ जाएगी अनुसंधान अधिकारी को समझ में।
- एमएलआर या पोस्टमार्टम रिपोर्ट का रिकॉर्ड को कोई नहीं कर सकेगा तबाह।
- मरीज, पुलिस कर्मी और चिकित्सकों का बचेगा समय।
एक अक्तूबर से सिविल अस्पताल में एमएलआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन ही तैयार की जाएंगी। इस संबंध में मैंने निर्देश जारी कर दिए हैं और इसके लिए बकायदा चिकित्सकों को ट्रेनिंग के साथ-साथ ऑपरेटर भी मुहैया कराए जाएंगे।
-डॉ. वीरेंद्र यादव, सीएमओ, चरखी दादरी