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छापामारी कर स्वास्थ्य विभाग ने एलटी की डिग्री और व्यवस्थाएं

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स्वास्थ्य विभाग का छापा: डॉक्टरों की डिग्री और लैब की व्यवस्थाएं जांची
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
फर्जी डिग्री या नियमों को ताक पर रखकर निजी अस्पतालों में लैब चलाने वाले संचालकों पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को छापा मारा। शुक्रवार को विभाग की टीम ने कार्रवाई कर शहर के करीब एक दर्जन अस्पतालों का निरीक्षण कर उनकी डिग्री और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अस्पताल संचालक की डिग्री से लेकर लैब तक की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग के छापामारी से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया और कुछ अस्पताल संचालकों ने टीम के पहुंचने से पहले ही लैब टेकिभनशियन का काम करने वालों को वहां से निकाल दिया। वहीं, कुछ अस्पतालों में लैब तो मिली लेकिन इन्हें चलाने के लिए यहां एलटी (लैब टेक्निशियन) नियुक्त नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग के टीम की छापामारी शुरू करने की खबर आग की तरह फैल गई। अस्पताल संचालक एक-दूसरे को औचक निरीक्षण की जानकारी देने में जुटे रहे। टीम के पहुंचने से पहले कोई टेक्निशियन शटर गिराकर चलता बना तो कोई टीम के पहुंचते ही इधर-उधर खिसकते नजर जाए। स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को शहर में करीब चार घंटे तक अभियान चलाया।
सीएमओ रणदीप पूनिया के निर्देशों पर एसएमओ अनीता गुलिया सहित चार सदस्यीय टीम शुक्रवार को निजी अस्पतालों में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची। उच्चाधिकारियों के पास शहर के निजी अस्पतालों और इनमें चल रही लेबोरेटरी की जांच के लिए एक पत्र पहुंचा है। इस पत्र में इन अस्पतालों का निरीक्षण करने और खामियों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एसएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ढाणी फाटक के समीप छापामारी करने पहुंची।
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इन अस्पतालों का किया निरीक्षण
सबसे पहले टीम निरीक्षण करने फौगाट अस्पताल पहुंची। यहां करीब आधा घंटा टीम रुकी और इस दौरान चिकित्सक की डिग्री सहित लेबोरेटरी की जांच की गई। यहां टीम को कुछ खामियां भी मिली जिनकी रिपोर्ट एसएमओ ने तैयार की। इसके बाद टीम महेंद्रगढ़ रोड स्थित आरके अस्पताल पहुंची। यहां जांच के दौरान टीम को कुछ कमियां मिलीं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि टीम को यहां लैब टेक्निशियन ही नहीं मिला जबकि यहां कई तरह के टेस्ट भी किए जाते हैं। इसके बाद टीम ढाणी फौगाट रोड स्थित चांद अस्पताल एवं मैटरनिटी सेंटर पहुंची। टीम ने यहां दस्तावेजों सहित चिकित्सक की डिग्री भी जांची। लैब की व्यवस्थाओं में टीम को कुछ गड़बड़ी मिली और खामियों के बिंदुओं को रिपोर्ट में शामिल कर लिया गया है। टीम ने यहां करीब 40 मिनट लगाए और इस दौरान बारीकी से रिकॉर्ड की जांच की। इसके बाद टीम सरस्वती अस्पताल पहुंची। यहां चिकित्सक तो मिला लेकिन लैब टेक्निशियन नहीं मिला। एसएमओ अनीता गुलिया ने जब चिकित्सक से टेक्निशियन के बारे में पूछताछ की तो कुछ देर पहले ही उसके घर जाने का तर्क दिया गया। इसके अलावा भी टीम ने रोहतक रोड, झाडू़ सिंह चौक रोड, परशुराम चौक क्षेत्र सहित करीब आधा दर्जन जगहों पर औचक निरीक्षण किया।

48 घंटे में लैब बंद करने का नोटिस देगा विभाग
सीएमओ रणदीप पूनिया ने बताया कि दादरी शहर में निजी अस्पतालों की जांच के लिए एसएमओ के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। हरियाणा सरकार ने जो नोटिफिकेशन जारी की है उसके अनुसार बीएएमएस चिकित्सक तक की लेबोरेट्री रिपोर्ट मान्य है जबकि इसके अलावा जो अवैध रूप से लैब चल रही है उन्हें तुरंत प्रभाव से बंद कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे लेबोरेट्री संचालकों को लैब बंद करने के लिए 48 घंटे का नोटिस दिया जाएगा और इस दौरान कोई लैब बंद नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

शहर में 42 लेबोरेटरी तो 100 हैं निजी अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने उनके पास निजी अस्पतालों और लेबोरेट्री की एक लिस्ट भेजी है। इसके अनुसार ही छापामारी की जा रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सूची के अनुसार शहर में करीब 42 लेबोरेटरी और 100 निजी अस्पताल हैं। विभागीय टीम को जल्द से जल्द इनका औचक निरीक्षण कार्य पूरा करने के निर्देश उच्चाधिकारियों ने दिए हैं।

वर्जन::
हमने निजी अस्पतालों और लैब की जांच की है। जांच के दौरान लैब की व्यवस्थाएं और चिकित्सकों की डिग्री जांची गई। कुछ अस्पतालों में लैब टेक्निशियन नहीं मिले। इसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। - डॉ. अनीता गुलिया, एसएमओ, सिविल अस्पताल
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वर्जन::
हमने चरखी दादरी और भिवानी जिले में छापामारी के लिए 11 टीमें बनाई हैं। इन टीमों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई के लिए हेड ऑफिस भेज देंगे। अगर किसी अस्पताल में नियमों को ताक पर रखकर लेबोरेटरी चलती मिली तो इसे बंद करने के लिए नोटिस देकर 48 घंटे की मोहलत देंगे। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - डॉ. रणदीप पूनिया, सीएमओ
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