सुरक्षा समितियों के गठन पर स्कूल संचालक गंभीर नहीं
चरखी दादरी।
करीब एक माह से ज्यादा समय बीत चुका है और स्कूलों की ओर से सरकार की हिदायतों के अनुरूप अब तक सुरक्षा समितियों के गठन की रिपोर्ट बीईओ कार्यालयों में जमा नहीं करवाई जा सकी है। इन स्कूलों के स्टाफ की वेरीफिकेशन भी पुलिस की ओर से की जानी है लेकिन प्रशासन व शिक्षा विभाग की ओर से फीडबैक न लेने से इन निर्देशों के पालन में देरी हो रही है। जिले में करीब 360 राजकीय स्कूल व करीब 150 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। इन निर्देशों के पालन के लिए 27 सितंबर को पुलिस महानिदेशक ने निर्देश जारी किए थे। गुरुग्राम में स्कूली छात्र प्रद्युमन की स्कूल परिसर में हुई हत्या के बाद सरकार ने सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए नए नियम व मानक तय किए थे। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक हरियाणा की ओर से 27 सितंबर को जारी पत्र में सभी एसपी को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करवाने के लिए पत्र जारी किया था। पत्र जारी होने के एक माह बाद भी इस पर शिक्षा विभाग व प्रशासन की प्रक्रिया धीमी चल रही है। इसमें न तो स्कूल मुखिया और न ही प्रशासन व शिक्षा विभाग रुचि ले रहे हैं।
शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 में भी यह प्रावधान है कि मौजूदा समय में बच्चे को शारीरिक व मानसिक रूप से शिक्षक भी प्रताड़ित नहीं कर सकता। मौजूदा बाल केंद्रित शिक्षा है न कि शिक्षक केंद्रित। इस अधिनियम में प्रावधान है कि बच्चे की रुचि एवं जिज्ञासा के अनुरूप उसे सुविधापरक शिक्षण करवाना होता है। अधिनियम में बच्चों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं खेल मैदान, शौचालय, पेयजल व सहगामी गतिविधियों के लिए सुविधाएं मुहैया करवाए जाने का भी प्रावधान है। जिले में राजकीय स्कूलों की संख्या 360 के पार है। बौंद कलां ब्लॉक में 115 स्कूल, दादरी ब्लॉक में 118 स्कूल व बाढड़ा ब्लॉक में करीब 130 स्कूल हैं।
इसी प्रकार जिन प्राइवेट स्कूलों को पुलिस वेरिफे कशन में शामिल किया गया है उनमें बाढड़ा ब्लॉक से 40 स्कूल , बौंद कलां ब्लॉक से 42 व दादरी ब्लॉक से भी इतने ही स्कूल हैं। पुलिस महानिदेशक के पत्र अनुसार इन सभी स्कूलों में सुरक्षा समितियों का गठन किया जाना है इस समिति में स्कूल शिक्षक, स्कूल छात्र, अभिभावक व प्रबंधन समिति के सदस्य शामिल किए जाने हैं ताकि यह समिति समय-समय पर स्कूल मेें बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले तथा बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करवाए। इस संबंध में विशेषज्ञों की राय है कि शिक्षा विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को फिजिकली स्कूलों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना चाहिए तथा जो कमियां हैं उनको रिमूव करवाया जाए।
प्राइवेट स्कूल संचालकों की मनमानी आ रही आड़े
शिक्षा विभाग अधिकारियों का कहना है राजकीय स्कूलों में तो सन 2010 से ही (एसएमसी)स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों का गठन हर साल होता आ रहा है। प्रति वर्ष अप्रैल माह में एसएमसी का गठन कर दिया जाता है लेकिन प्राइवेट स्कूलों में इन समितियों के गठन का कार्य पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। विभाग अधिकारियों के अनुसार विभाग में अब तक प्राइवेट स्कूलों की ओर से समिति गठन करने बारे रिपोर्ट जमा नहीं करवाई गई है। इस वजह से इन निर्देशों की पालना होने में देरी हो रही है।
ये गाइडलाइन भी निजी स्कूल संचालकों की हुई थी जारी
1 स्कूलों में उपयुक्त जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए ताकि आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
2 अजनबी व्यक्ति के लिए स्कूल मेें प्रवेश निषेध हो ताकि अवांछित तत्वों का स्कूल मेें प्रवेश न होने पाए।
3. स्टाफ व बच्चों के लिए अलग से शौचालय होने चाहिए ताकि बच्चों के साथ होने वाली किसी प्रकार की अनहोनी से बचाया जा सके।
4. स्कूल के शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ सदस्यों का चरित्र सत्यापन करवाया जाए तथा जिनका आपराधिक रिकार्ड मिलता है उनको बच्चों की देखरेख व सुरक्षा से दूर रखा जाए।
5. बच्चों को लाने- ले जाने वाले वाहन में एक महिला अध्यापक होनी चाहिए।
6. बच्चों में जागरूकता लाई जाए ताकि वे किसी प्रकार की घटना होने पर इसकी सूचना माता-पिता, अध्यापक या पुलिस को दें।
बीईओ ने बुलाई वीरवार को मीटिंग
बौंद कलां बीईओ प्रकाश फौगाट ने बताया कि इसे लेकर वीरवार को सभी स्कूल मुखिया एवं प्रबंधकों की मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में सुरक्षा समितियों के गठन की रिपोर्ट जमा की जाएगी तथा आवश्यक दिशा- निर्देश भी दिए जाने हैं। उन्होंने बताया कि अब तक किसी भी स्कूल ने इस बारे में रिपोर्ट जमा नहीं करवाई है।
== वर्सन--
पुलिस विभाग की ओर से 95 प्रतिशत स्कूलों के स्टाफ की वेरीफिकेशन करवा दी गई है। पुलिस की ओर से समय-समय पर स्कूल वाहनों की भी जांच की रही है।
डीएसपी सुरेश कुमार
वर्सन-
कई स्कूलों की ओर से अब तक स्टेटस रिपोर्ट बीईओ कार्यालय में जमा नहीं करवाई गई हैं। वीरवार को इस बारे में मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में यह रिपोर्ट जमा होने की उम्मीद है।
बीईओ प्रकाशो फौगाट, बौंद कलां ब्लॉक
वर्सन-
15 प्रतिशत स्कूलों की ओर से ही सुरक्षा समिति गठन संबंधी रिपोर्ट मिली है। जल्द ही सभी स्कूलों को फिर से निर्देश देंगे।
बीईओ जयपाल सिंह, बाढड़ा ब्लॉक
वर्सन-
प्राइवेट स्कूलों की ओर से पुलिस विभाग को पूरे स्टाफ का डॉटा उपलब्ध करवा दिया गया है। सुरक्षा समिति गठन की प्रक्रिया व अन्य आवश्यक नॉर्म्स को पूरा करने पर तेजी से काम चल रहा है। ऐसे कार्यों में समय ज्यादा लगता है। प्रशासन को थोड़ा समय और दिया जाना चाहिए। सभी स्कूल प्रबंधक बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्पर एवं गंभीर हैं।
प्रीतम फौगाट, प्रधान प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन चरखी दादरी