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Jhajjar-Bahadurgarh News: मारौत में 800 मीटर की सड़क टूटी, गुस्साएं ग्रामीणों ने लगाया जाम

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15jjrp21- मारौत गांव के ग्रामीण सड़क का अ​धिकारियों का मुआयना करवाते हुए। स्रोत-ग्रामीण
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झज्जर-छुछकवास मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे लगा जाम
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के आश्वासन पर ग्रामीणों ने खोला जाम
फोटो-21 से 23
संवाद न्यूज एजेंसी
मंगलवार को गांव मारौत से पांच गांवों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण न होने पर गुस्साए ग्रामीणों ने झज्जर-छुछकवास मार्ग पर जाम लगा दिया। डेढ़ घंटे तक लगे जाम के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलने के बाद बेरी थाना प्रभारी सतीश कुमार व छुछकवास चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण एक बात पर अड़े रहे कि जब तक सड़क का निर्माण नहीं होगा और जाम नहीं खोला जाएगा। एक घंटे बाद बेरी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राजाराम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया और आश्वासन देकर जाम खुलवाया गया।
गांव मारौत के सरपंच मांगेराम ने बताया कि पिछले दो साल से झज्जर-दादरी रोड से गांव तक जाने वाली सड़क टूटी हुई है। सड़क में दो फीट गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिस कारण इस रास्ते से जाने वाले आमजन को काफी परेशानियां होती हैं। सड़क की हालत इतनी खराब कि पैदल जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। पूर्व सरपंच प्रतिनिधि सुनील पहलवान ने बताया कि गांव से बाहर निकलने का यह मुख्य रास्ता है। इस सड़क से गुजरने वाले बच्चों को जान जोखिम में डाल कर निकलना पड़ता है। सड़क पर रोड़े निकले हुए हैं, जो गाड़ी के टायर से उछलकर कई बार तो बच्चों को लग चुके हैं।
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दो दर्जन से ज्यादा स्कूल बसें गांव के रास्ते से गुजरती
जाम लगा रहे ग्रामीणों का कहना है कि यहां से जाते समय कई बार तो बाइक पर जाते समय गिर कर घायल हो चुके हैं। गांव में दो दर्जन से ज्यादा स्कूलों की बसें आती हैं, लेकिन सड़क खराब होने के कारण बस सवार बच्चों को परेशानी होती है।

दो साल से लगा रहे अधिकारियों के चक्कर
ग्रामीणों का कहना है कि दो साल से प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सिर्फ झूठा आश्वासन देने के अलावा कोई भी काम नहीं हुआ। अधिकारी बार-बार चक्कर लगाते हैं और मंत्रियों से भी मिल चुके हैं। समाधान शिविर में भी समस्या को उठा चुके हैं, लेकिन सिर्फ झूठा आश्वासन मिला और दो साल में सड़क तक नहीं बनी है।

वर्जन
गांव मारौत में सड़क टूटी होने के कारण ग्रामीणों ने जाम लगाया था। मौके पर लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता को बुलाया गया और ग्रामीणों की समस्या के बारे अवगत कराया गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। इस पर आपत्ति लग गई थी। अब इस मार्ग को बुधवार से चलने की स्थिति जैसे बना दिया जाएगा और एस्टीमेट दोबारा भेजा जाएगा।
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राजाराम, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बेरी।

15jjrp21- मारौत गांव के ग्रामीण सड़क का अधिकारियों का मुआयना करवाते हुए। स्रोत-ग्रामीण

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