अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने की मांग के लिए राम नगर गांव के पास 17 गांवों के किसानों द्वारा दिया जा रहा धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को फौगाट खाप के पदाधिकारियों सहित 19 गांवों के लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। वहीं, धरने पर बैठे किसानों ने चार दिन बीतने पर भी किसी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर न पहुंचने पर रोष जताया। शुक्रवार को विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के पदाधिकारियों सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग भी धरना स्थल पर पहुंचे।
राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 17 गांवों की जमीन अधिग्रहण करने दायरे में है। इन जमीनों के मालिक किसान तय कलेक्टर रेट से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जाए। इसे लेकर मंगलवार से 17 गांवों के किसानों ने धरना शुरू किया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एनएच के दायरे में इन गांवों के किसानों की करीब 700 एकड़ से अधिक जमीन का अधिग्रहण होगा। इसके बदले उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने कहा कि अब अवार्ड घोषित करने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान आंदोलन को विफल करने के लिए पिछली तारीख में अवार्ड की घोषणा की है। रमेश दलाल का कहना है कि सरकार ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन नही किया है। यह सब अधिकारियों की साजिश का नतीजा है। शुक्रवार को धरने पर बैठे किसानों ने जमकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि अब तक 42 गांव आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं।
ये पहुंचे धरनास्थल पर
शुक्रवार को धरनास्थल पर फौगाट खाप के प्रधान रामदास फौगाट, उप-प्रधान धर्मपाल महराणा, सचिव बलवंत सिंह नंबरदार, राजबीर सिंह टिकान कलां, सुरेश फौगाट दादरी, सूबेदार सुरेंद्र सिंह, राजबीर प्रधान चिड़िया, संतकुमार नोसवा, रामफल नोसवा, इंद्र सिंह प्रधान दूधवा, रामरत्न घसोला सहित अखिल किसान भारतीय सभा, रामकुमार सोलंकी आदि ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया।