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लॉकल बजट से स्वास्थ्य विभाग खरीदेगा हेपेटाइटिस बी और सी की वाएं, हेड ऑफिस भेजी डिमांड

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। हैपेटाइटिस बी और सी रोग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रीनिंग का कार्य शुरू कर दिया है। इस रोग के लिए जिले में दवाइयां मंगलवार को उपलब्ध हो जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में हेड ऑफिस डिमांड भेज दी है। फिलहाल 10 मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में दवाइयां मंगवाई गई हैं। जिले में इस रोग से पीड़ित होने का अभी कोई मरीज सामने नहीं आया है। इसके बावजूद विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हेड ऑफिस डिमांड भेजने के साथ ही विभाग ने लोकल बजट से दवा की खरीद करने का प्रस्ताव भी पास किया है।
हैपेटाइटिस बी और सी रोग को चिकित्सक बेहद जटिल मानते हैं। यह रोग होने पर सबसे पहले लीवर डैमेज होता है। इम्यून सिस्टम भी फेल हो जाता है। रोगी को भूख नहीं लगती। यूरिन डार्क कलर का हो जाता है। इतना ही नहीं किडनी भी फेल होने आ खतरा बढ़ जाता है। उल्टी, वजन कम होना, पीलिया रोग भी जकड़ लेता है। जोड़ों में दर्द, पेट में पानी भरना और शरीर में सूजन बढ़ जाती हैं। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को प्रयोग की गई नीडल, रक्त संक्रमण, वंशानुगत भी यह रोग हो जाता है। रोगी के लिए हर समय नई नीडल का इस्तेमाल करना चाहिए। बच्चों को शुरू से ही वैक्सिन दवा खिलाएं। वैक्सिन की दवा के सेवन से इस रोग से बचा जा सकता है। इस रोग पर खानपान का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने इस रोग की दवा उपलब्ध करवाने के लिए भिवानी स्वास्थ्य विभाग को डिमांड लिखी है। मंगलवार तक यह दवा दादरी अस्पताल में पहुंच जाएगी। फिलहाल 10 मरीजों के अनुपात में इसकी दवा मंगवाई गई हैं। जरूरत पड़ने पर बाद में और दवाइयां भी मंगवाई जाएंगी। हालांकि जिले में इस समय हैपेटाइटिस रोग का कोई मरीज सामने नहीं आया है। विभाग ने अस्पताल में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। आशंका के आधार पर मरीज के टेस्ट किए जा रहे हैं ताकि समय से पहले रोग का पता चल सके और उसका समय पर उपचार हो सके।
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डेपुटेशन पर कार्यरत हैं फिजिशियन
फिलहाल अस्पताल में डेपुटेशन पर एक फिजिशियन कार्यरत है। फिजिशियन की ओर से आए दिन लोगों की जांच की जा रही है। डिप्टी सीएमओ डॉ. मुनेश ने लोगों से सुझाव दिए हैं कि वे बच्चों को शुरू से ही वैक्सिन की दवा खिलाए ताकि इस रोग से बचा जा सके। ज्यादा आयु के लोग भी वैक्सिन का दवा खा सकते हैं।
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इस रोग के उपचार के लिए दवाइयों की डिमांड भेज दी है। मंगलवार तक दवाइयां उपलब्ध हो जाएंगी। फिलहाल इस रोग का कोई मरीज सामने नहीं आया है। मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। डॉ. मुनेश, डिप्टी सीएमओ
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