अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। नई अनाज मंडी में खरीदे गए बाजरे का अब उठान का कार्य धीमा होने की वजह से किसानों व आढ़तियों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। ऑनलाइन सिस्टम में किसी किसान के गांव का नाम मैच नहीं कर रहा है तो किसी का नाम ही गायब है। ऐसे में किसानों को राजस्व विभाग से वेरिफाई करवाने में काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है। बुधवार को अनाज मंडी में करीब साढ़े आठ हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हुई और 266 किसानों को गेट पास जारी किए गए। वहीं, मंडी प्रधान सहित अन्य आढ़तियों ने गोदाम पर बाजरा उतारने के नाम पर ठेकेदार और लेबर पर रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं। वहीं, जिला खरीद अधिकारी विकास यादव ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है।
हालांकि खरीद के काम में पिछले चार-पांच दिन से तेजी बनी हुई है लेकिन अब खरीदे गए बाजरे के उठान का कार्य समय पर नहीं हो पा रहा है जिससे जगह के अभाव में खरीद का कार्य प्रभावित हो रहा है। मंडी आढ़तियों का कहना है कि सरकारी वाहन उपलब्ध न होने की वजह से उठान नहीं हो पा रहा है। प्राइवेट वाहन की व्यवस्था के लिए अधिकारियों से आग्रह किया जाता है तो मना कर दिया जाता है। सरकारी गाड़ी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती।
बुधवार को बाजरे का खरीद कार्य सुचारू रूप से चला। बाजरे की खरीद इस समय केवल हैफेड एजेंसी की ओर से ही की जा रही है। सरकारी एजेंसी इस समय 1500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बाजरा खरीद रही है जबकि समर्थन मूल्य 1950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखा है। इस बीच के अंतर की भरपाई सरकार की ओर से की जाएगी। सरकार सीधे किसान के बैंक खाते में यह बढ़ी हुई राशि भेजेगी।
किसान रिकॉर्ड में नाम न मिलने और आढ़ती उठान न होने से परेशान
जब मंडी में बिक्री करने गया तो नाम ही रिकॉर्ड से गायब मिला जबकि उसने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इस वजह से उसे कागज प्रक्रिया पूरी करवाने में काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है। इससे समय की भी बर्बादी हो रही है।
सुरेंद्र, मौड़ी
=उसके गांव का नाम रिकॉर्ड से मैच न करने की वजह से उसे काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है। इस ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया की वजह से रोजाना किसानों को दिक्क्तें झेलनी पड़ रही हैं। प्रशासन को किसानों की हर संभव मदद करनी चाहिए ताकि वे समय पर अपने अनाज की बिक्री कर सकें।
विजेंद्र, मौड़ी
=उठान का कार्य धीमा होने की वजह से खरीद का कार्य प्रभावित हो रहा है। उठान के लिए सरकारी गाड़ी नहीं मिल पा रही हैं। प्राइवेट गाड़ियों के मंडी में प्रवेश पर रोक लगी है उन्हें गेट पास नहीं मिल रहा है इस वजह से खरीद कार्य तेजी से नहीं हो रहा है।
-रामकुमार रिटोलिया, अनाज मंडी प्रधान
=उठान के लिए सरकारी गाड़ी समय पर उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं इस वजह से उठान नहीं हो पा रहा है। जब तक साथ-साथ उठान नहीं होगा तो खरीद कार्य भी प्रभावित होगा। मंडी में जगह की कमी बन जाती है।
-सावरमल, आढ़ती