नार्दर्न ग्लास फैक्टरी के लिए अधिग्रहित की गई जमीन पर बनी चालू फैक्टरियां होंगी रेगुलर
बहादुरगढ़। नार्दर्न ग्लास फैक्टरी के लिए अधिग्रहित की गई करीब 44 एकड़ जमीन के मामले में उद्योगपतियों को राहत मिली है। यहां चालू सभी फैक्टरियों को रेगुलर किया जाएगा। सीएम ने इसके लिए एक पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी सिलसिले में एचएसआईआईडीसी की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रश्मि खेत्रपाल ने शुक्रवार को बीसीसीआई के सभागार में उद्योगपतियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उद्योगपतियों को किसी तरह की दिक्कत न आने दें। साथ ही सरकारी कब्जे वाला बोर्ड भी मौके से उखाड़ने के निर्देश दिए। फैक्टरी संचालकों ने यह राहत देने पर सीएम मनोहर लाल का आभार जताया है।
ये है मामला
दरअसल, तत्कालीन बंसीलाल सरकार ने वर्ष 1971-72 में दिल्ली-रोहतक रोड पर सांखोल की पंचायती जमीन में करीब 44 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। यहां पर कुछ समय बाद नार्दर्न ग्लास फैक्टरी लगाने की बजाय अन्य लोगों को यह जमीन बेच दी थी। मामला उजागर हुआ तो सरकार ने इस जमीन को रिज्यूम कर लिया लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला गया। वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के हक में फैसला सुना दिया और सरकार के निर्णय को सही करार दिया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के करीब तीन साल बाद गत मई माह के अंत में उद्योग विभाग ने इस जमीन पर कब्जा ले लिया था। जमीन की मिलकियत को लेकर उद्योग विभाग ने यहां अपना बोर्ड भी लगा दिया था।
15 फैक्टरी बंद, 19 चल रहीं
इस जमीन पर फिलहाल अभी 19 फैक्टरी चल रही हैं। करीब 15 फैक्टरी बंद पड़ी हैं। इसके अलावा करीब 20 एकड़ जमीन पर लोग फसल उगा रहे हैं। जमीन की मिलकियत उद्योग विभाग के नाम होने पर फैक्टरी संचालकों की नींद उड़ी हुई थी। उन्होंने एसडीएम, डीसी व अन्य अधिकारियों से मिलकर राहत देने की मांग की थी। बाद में पिछले माह उद्योगपति सीएम मनोहर लाल से भी मिले थे और उद्योगपतियों की मांग पर सीएम मनोहर लाल ने उन्हें राहत देने का आश्वासन दिया था। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने दिए पॉलिसी बनाने के निर्देश : रश्मि
एचएसआईआईडीसी की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रश्मि खेत्रपाल ने बताया कि नार्दर्न ग्लास वाली जमीन पर बनी सभी फैक्ट्री रेगुलर होंगी। सीएम ने इसके लिए एक पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उद्योगपतियों के साथ बैठक की थी। बैठक में उनकी मांग पर संबंधित अधिकारियों को उन्होंने सरकारी कब्जे वाला बोर्ड उखाड़ने के निर्देश दे दिए हैं। साथ फैक्ट्री चलाने में किसी तरह की अड़चन भी सरकारी अधिकारियों की ओर से नहीं डाली जाएगी।