अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
मॉनिटरिंग कमेटी की मीटिंग में सवा साल बाद पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा फुल फार्म में नजर आए। योजनाओं को पलीता लगाने वाले अधिकारियों को सांसद ने जमकर फटकार लगाई। सांसद मीटिंग में पूरे होमवर्क के साथ पहुंचे थे। क्योंकि अगर किसी योजना को लेकर अफसर गुमराह करने की जुगत लगाई तो सांसद ने फौरन उस योजना का बहीखाता अधिकारियों के सामने खोल दिया। हालांकि मीटिंग में सांसद ने अधिकारियों से ज्यादा सरकार को कोसा। जिन प्रोजेक्ट के लिए यूपीए शासनकाल में बजट जारी हो गया था, उन्हें जरूरत न होने का हवाला देते हुए सरकार के द्वारा रद्द करवा दिया गया है। इस बात का खुलासा भी मीटिंग के दौरान हुआ। मीटिंग के दौरान उनके साथ झज्जर शहर विधायक गीता भुक्कल, बेरी विधायक रूघबीर कादियान, एडवोकेट राज सिंह जाखड़ और एडवोकेट विकास अहलावत मौजूद रहे।
ट्रक में सामान ले गए अफसर
बैठक के दौरान सामने आया कि बहादुरगढ़ के रेस्ट हाउस के लिए खरीदा गया फर्नीचर कुछ अधिकारी ट्रक में भरकर किसी दूसरी जगह ले गए। सांसद ने जब इस संबंध में अधिकारियों से जानना चाहा तो डीसी ने तुरंत संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने की बात कही।
इन मुद्दों पर लाया गया निंदा प्रस्ताव
सांसद ने बताया कि यूपीए शासनकाल के दौरान झज्जर में हर साल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 20 करोड़ की लागत से 43 किलोमीटर सड़क का निर्माण करवाया जाता था लेकिन पिछले तीन साल में इस योजना के तहत एक किलोमीटर भी सड़क नहीं बनी। वहीं, जिले में 18 हजारों लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन आधार नंबर न होने की वजह से रोक दी गई। दोनों ही मुद्दों पर सांसद ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। वहीं अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द आधार नंबर लेकर पेंशन शुरू करवाई जाए।
28 किसानों ने करवाया है वालंटियर फसल बीमा
सांसद ने कृषि विभाग अधिकारियों से सांसद ने सवाल किया कि खरीफ 2017 के लिए कितने किसानों ने वालंटियर फसल बीमा करवाया है। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि केवल 28 किसानों ने ऐसा किया है। इसी दौरान कृषि विभाग के अधिकारी बोल गए कि किसानों का तो माइंड सैट है। जिस पर सांसद खफा हो गए और बोले कि वे किसान के बेटे हैं। इसलिए किसानों पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे बीमा कंपनी के एजेंट बनकर बात न करें, किसान के हित की सोचें। जिसके बाद कृषि विभाग के अधिकारी मांफी मांगी।
सेनानियों का अपमान कर रहे नपा अधिकारी
झज्जर शहर विधायक गीता भुक्कल के निशाने पर नपा के अधिकारी रहे। मीटिंग के दौरान भुक्कल ने कहा कि नपा के अधिकारी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी मातूराम पार्क का हवाला देते हुए कहा कि बोर्ड के कुछ अक्षर ही गायब हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था भी चौपट है। भुक्कल ने डीसी सोनल से सवाल करते हुए कहा कि पता नहीं सरकार ने सारे डफर अधिकारी यहां बैठा रखे हैं।
विधायक भुक्कल ने उठाया अपने घर के साइन बोर्ड का मुद्दा
विधायक भुक्कल ने मीटिंग के दौरान डीसी सोनल गोयल से सवाल किया कि क्या वे उनके घर का पता जानती हैं, जिस पर डीसी ने कहा कि वे अभी आई हैं। इस पर भुक्कल ने कहा कि कोई भी अनजान व्यक्ति उनके घर तक नहीं पहुंच सकता क्योंकि उनके घर का साइन बोर्ड टूटे हुए दो साल हो गए हैं। लेकिन नपा के अधिकारी उसे लगवा नहीं रहे। भुक्कल ने कहा कि पूर्व पार्षदों तक के बोर्ड शहर में लगे हैं लेकिन भेदभाव की राजनीति में नपा के अफसर भी शामिल हो गए हैं। इसी बीच एसडीएम प्रदीप कौशिक ने बात को संभालना चाहा तो भुक्कल ने उन्हें बोलने से रोक दिया।
मीटिंग में नहीं आने पर मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
मीटिंग से नदारद रहे झज्जर नगरपालिका के सचिव नरेंद्र सैनी व बहादुरगढ़ नपा के एमई से डीसी के द्वारा स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सांसद के द्वारा इस मामले में ऐतराज करने पर डीसी ने तल्ख लहजे में कहा कि इस प्रकार का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने झज्जर एमई से सवाल किया कि जब बेरी के एसडीएम मीटिंग में आए हुए हैं तो नपा सचिव बेरी क्या करने गए हैं, इस पर एमई ने जवाब दिया कि मैं कुछ नहीं कह सकता मैडम।
गुरुग्राम ने दिखाया भाजपा को आईना : दीपेंद्र
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मीटिंग खत्म होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि गुरुग्राम की जनता ने भाजपा को आईना दिखा दिया है। विकास की बात करने वाले भाजपा के विधायक के पारिवारिक सदस्य तक पार्षद का चुनाव हार गए हैं। जिससे स्पष्ट होता है कि जनता भाजपा का नकार चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी पुरानी रीत के अनुसार छल-बल से गुरुग्राम में मेयर बना लेगी। हुड्डा ने एक सवाल के जवाब में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के भाजपा में जाने की बातों को हास्याप्रद बताया। साथ ही इनेलो पर निशान साधते हुए कहा कि इनेलो अब अतीत बन चुकी है।
- झज्जर और बहादुरगढ़ नपा के अफसर रहे सांसद के निशाने पर
- किसानों पर टिप्पणी की तो कृषि अधिकारी ने माफी मांग पीछा छुड़वाया