अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया के वार्ड में पड़ने वाले रोहतक रोड नाले की जन स्वास्थ्य विभाग ने पिछले डेढ़ साल से सफाई नहीं कराई है। इससे न केवल दुकानदारों में बल्कि चेयरमैन में भी विभाग के खिलाफ रोष है। चेयरमैन का कहना है कि वो जन स्वास्थ्य विभाग से दस बार नाले की सफाई कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं की जा रही। इस समय नालों में गाद और प्लास्टिक पॉलिथीन जमा होने से ओवरफ्लो की स्थिति बनी हुई है। चेयरमैन का कहना है कि सोमवार को जन स्वास्थ्य विभाग को दोबारा पत्र लिखकर नालों की सफाई कराने की मांग करेंगे। वहीं, अधिकारियों (डीसी-एसडीएम) के आवास के समीप नाले की सफाई व्यवस्था दुरुस्त है जबकि इससे करीब एक किलोमीटर आगे परशुराम चौक के समीप की बात करें तो हालात बदतर हैं।
शहर के रोहतक चौक से फाटक की तरफ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ जन स्वास्थ्य विभाग ने नालों का निर्माण करवा रखा है। परशुराम चौक की तरफ नाला दुकानों और रोहतक फाटक के समीप अधिकारियों के आवास के सामने से गुजरता है। इन दोनों जगहों पर इस समय नाले की स्थिति अलग-अलग है। दुकानों के आगे जहां नाले में गंदगी की भरमार के चलते पानी निकासी ठप पड़ी है तो वहीं अधिकारियों के आवास के समीप स्थिति ठीक है। दुकानदारों का कहना है कि नाले की पिछले डेढ़ साल से सफाई नहीं की गई है। इस समय नाला पॉलिथीन व गाद सेे अटा पड़ा है। दूषित नाले से बनी दुर्गंध को झेलना अब दुकानदारों की आदत बन चुकी है। यह नाला दुकानों के सामने से गुजरता है। नाला इस समय ओवरफ्लो की स्थिति में है। आम लोगों व दुकानदारों ने विभाग अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया है।
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि यह रोड नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया के वार्ड में पड़ता है। इस समस्या को लेकर वो नप चेयरमैन से भी मिल चुके हैं लेकिन इसके बाद भी समस्या जस की तस बरकरार है। स्थानीय निवासी सोनू, दरियाव सिंह, मनोज, नवीन, सतेंद्र आदि ने बताया कि सफाई कर्मचारी नाले की सफाई करने की बजाय यहां कचरा डाल देते हैं।। लंबे समय से नाला की सफाई नहीं होने से अब यह पॉलिथीन व गाद से अटा हुआ है। आसपास का वातावरण प्रदूषित बना हुआ है। ग्राहक भी दुकान पर आने से कतराते हैं।
दुकानदार प्रकाश का कहना है कि यह नाले की करीब 10 माह पहले सफाई की गई थी उसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई है। सफाई कर्मी जरूर आते हैं लेकिन आसपास पड़ी पॉलिथीन उठाने तक की सीमित रहते हैं। इस समय घिकाड़ा रोड के समीप इस नाले को ब्लॉक कर रखा है। ऐसे में बारिश होने पर यह ओवरफ्लो हो जाता है। इससे रोड व दुकानों के सामने पानी जमा हो जाता है। पानी जमा होने के कारण पैदल चलने वालों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।
दुकानदार बोले: विभाग की अनदेखी से दूषित माहौल में रहने को विवश
नाला समय समय पर साफ नहीं किया जा रहा है। दुर्गंध की वजह से दिनभर दुकान में बैठना भी मुश्किल हो जाता है। दुकान पर ग्राहक भी कम पहुंचते हैं। बारिश के समय तो और भी बुरा हाल हो जाता है। नाले की जल्द ही सुध लेनी चाहिए।
सोनू, दुकानदार
मेरे मकान के सामने से यह नाला गुजरता है। नाले की सफाई हुए लंबा समय बीत चुका है। नाले से दुर्गंध बनी रहती है। बीमारियां बढ़ने का अंदेशा बना रहता है। दुर्गंध का प्रभाव कम करने के लिए अगरबत्ती जलानी पड़ती है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
दरियाव सिंह, दुकानदार
सफाई कर्मचारी कभी-कभी आते हैं लेकिन नाले की सफाई नहीं करते। नाले के आसपास से कचरा एवं पॉलिथीन जरूर उठा ले जाते हैं लेकिन अंदर से नाले की सफाई नहीं करते। विभाग को नियमित रूप से नाले की सफाई करवानी चाहिए।
मनोज, दुकानदार
गत मानसून सीजन के दौरान नाले की सफाई हुई थी। उसके बाद नाले की सफाई करने कोई नहीं पहुंचा। यह दूषित पानी का मेन नाला है। इसकी हर सप्ताह सफाई होनी चाहिए ताकि आम लोग व दुकानदार परेशान होने पाएं।
नवीन, दुकानदार
बार-बार दे चुका जानकारी, विभाग नहीं कर रहा समाधान: चेयरमैन
संजय छपारिया ने बताया कि नाले की स्थिति बदतर है। वो बार-बार यह मामला जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के संज्ञान में ला चुके हैं लेकिन हर बार जल्द सफाई कराने का आश्वासन ही दिया जाता है। सोमवार को इस संबंध में दोबारा पत्र लिखूंगा।