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कलेक्टर रेट बढ़ाओ : किसान जनहित समिति और सतगामा खाप ने किसानों को दिया समर्थन

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। इस्माइलाबाद से गंगहेड़ी तक बनने वाले एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने की मांग को लेकर 17 गांवों के किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। वीरवार को किसान जनहित समिति और सतगामा खाप से जुड़े लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। वहीं, धरने पर बैठे किसानों ने तीन दिन बीतने पर भी किसी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर न पहुंचने पर भी कड़ी आपत्ति जाहिर की है। वीरवार को विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के पदाधिकारी और समाजसेवी भी अपना समर्थन देने धरना स्थल पर पहुंचे।
ज्ञात रहे कि राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 17 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है। इन जमीनों के मालिक किसान तय कलेक्टर रेट से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जाए। इसे लेकर मंगलवार से 17 गांवों के किसानों ने धरना शुरू कर दिया था। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एनएच के दायरे में इन गांवों के किसानों की करीब 700 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहीत होगी और इसके बदले उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने कहा अब अवार्ड घोषित करने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान आंदोलन को विफल करने के लिए पिछली तारीख में अवार्ड की घोषणा की है। वीरवार को किसान आक्रोशित नजर आए व उन्होंने आरपार की लड़ाई लड़ने का फैसला कर लिया।
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धरने को 23 गांव दे चुके समर्थन
रमेश दलाल ने बताया कि भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे आंदोलन में अब तक 23 गांवों का समर्थन मिल चुका है। वीरवार को धरने के तीसरे दिन ओमप्रकाश इमलोटा, सतगामा खाप से सुरेश इमलोटा, किसान जनहित समिति प्रधान सुनील पहलवान, बिजेंद्र सहरावत, कृष्ण महराणा, शमशेर सिंह खातीवास, रामरूप शर्मा आदि आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे।
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