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एसटीपी के स्टोरेज टैंक पानी से लबालब, क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं मिल पा रही जमीन

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। शहर के दिल्ली बाईपास स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित पानी का प्रबंधन न होने से हालात विकट होने लगे हैं। इस समय सीवर स्टोरेज टैंक पानी से फुल हैं। विभाग के अधिकारी मंथन मेें जरूर जुटे हैं लेकिन इसका विकल्प नहीं मिल सका है। पिछले दिनों जनस्वास्थ्य विभाग के एससी ने टीम के साथ इन साइटों का दौरा कर जायजा लिया था। इसके लिए फिजिबिलिटी पर फोकस किया जा रहा है। विभाग का प्लान है कि इस समस्या का स्थायी तौर पर समाधान होना जरूरी है। अस्थाई व्यवस्था से काम नहीं चलेगा।
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एसटीपी टैंक ओवरफ्लो होने से अब शहर से सीवर का दूषित पानी एसटीपी तक नहीं पहुंच पा रहा है। सीवर की लाइनें रुकी हुई हैं। इस पर विभाग के कर्मचारी काम में जुटे हैं लेकिन अभी इसका समाधान नहीं हो पा रहा है। जब तक एसटीपी के पानी का प्रबंधन नहीं होगा तब तक सीवर की व्यवस्था पटरी पर लौटना संभव नहीं है। पिछले दिनों एसटीपी केे पानी को छुछकवास ड्रेन में डाले जाने की प्लानिंग बनाई थी। वह भी सिरे नहीं चढ़ सकी। इस प्लान के तहत एसटीपी से 28 किलोमीटर दूरी में लोहे की पाइप लाइन बिछाई जानी थी। विभाग के उच्चाधिकारियों का इस बारे में तर्क रहा है कि ज्यादा लंबाई होने और बीच में कई गांवों से लाइन गुजारने में दिक्कतें आएंगी। इसलिए यह प्लान संभव नहीं है। इसके लिए अब और नई प्लान पर काम शुरू किया गया है। इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के एससी विशाल बंसल का कहना है कि एसटीपी के पानी का स्थायी तौर पर प्रबंधन करने के लिए विभाग मंथन करने में जुटा है। इस पानी को रेतीले एवं ड्राई एरिया में समायोजन करने पर विचार चल रहा है। इसके लिए भौगोलिक परिस्थितियों की स्टडी की जा रही है। उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा।
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