अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। बारिश, कोहरे औैर नमी की वजह से जिले में बिजली व्यवस्था चरमराने लगी है। इसके प्रभाव से बिजली का शेड्यूल बिगड़ गया है। शहर में बिजली निगम द्वारा पावर कट न लगाने के बावजूद कई घंटों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। शहरी क्षेत्र में दिन के समय तो ग्रामीण क्षेत्र में रात के समय बिजली कई घंटे गुल रहती है। पिछले एक माह की बात करें तो बौंदकलां क्षेत्र के कुछ गांवों में दो बार ब्लैक आउट की स्थिति पैदा हो चुकी है। हालांकि निगम बिजली सुधार की प्लानिंग पर काम कर रहा है लेकिन यह काम पूरा होने तक लोगों को बिजली फाल्ट झेलना पड़ेगा। निगम अधिकारियों का तर्क है कि अगले कुछ दिनों में ही कंडम बिजली के तार और बिजली के खंभों को दुरुस्त कराने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मौसम के बदलाव से फॉल्ट आने की संभावना न के बराबर रहेगी। इस समय बिजली फॉल्ट बढ़ने का कारण कुछ फीडरों की केबल का पंक्चर होना भी बताया जा रहा है।
शहर में बिजली आपूर्ति पटरी से उतरने पर लोगों को बेहद परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। मौसम में खराबी होने पर बिजली आपूर्ति भी चरमरा गई है। खासकर सुबह और शाम को कोहरे की बूंदों से ज्यादा फॉल्ट बन रहे हैं। इससे पेयजल आपूर्ति का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है। शहर में दो मेन पावर सब स्टेशन हैं जिनके जरिए बिजली की आपूर्ति की जाती है। चरखी दादरी पावर सब स्टेशन से करीब 55 प्रतिशत एरिया में और रेलवे रोड स्थित पावर सब स्टेशन से 45 प्रतिशत क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति की जाती है। पावर बस स्टेशन से तो नियमित रूप से बिजली आपूर्ति होती है लेकिन फाल्ट बढ़ने पर बिजली की आपूर्ति चरमरा रही है। पांच दिन से मौसम में आए बदलाव का बिजली आपूर्ति पर खासा प्रतिकूल असर पड़ रहा है। तीन रोज पहले बारिश की झड़ी से बिजली आपूर्ति का सिस्टम चरमराया था जो अभी तक पटरी पर नहीं लौट पा रहा है। पिछले दो दिनों से कोहरा के साथ पड़ रही ओस की बूंदों से स्पार्किंग ज्यादा बढ़ रही है। सुबह के समय तो बिजली आपूर्ति ज्यादा बाधित रहती है। सुबह ओस की वजह से फॉल्ट ज्यादा बढ़ रहे हैं। बिजली ट्रांसफार्मरों में फॉल्ट आ रहे हैं। फॉल्ट ठीक करने में घंटों बीत जाते हैं।
पेयजल शेड्यूल गड़बड़ाया, दिनचर्या हो रही प्रभावित
सुबह के समय बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर लोगों की दिनचर्या ज्यादा प्रभावित हो रही है। आजकल सभी घरेलू कामकाज बिजली आपूर्ति पर ही निर्भर करते हैं। वॉशिंग मशीन, गीजर मशीन, फ्रीज और पेयजल सप्लाई आदि पूरी तरह से बिजली आपूर्ति पर ही निर्भर है। पिछले पांच रोज से बिजली आपूर्ति चरमरा जाने से पेेयजल आपूर्ति का शेड्यूल भी प्रभावित हो रहा है। पानी की आपूर्ति रात साढ़े नौ बजे तक हो रही है जिससे ठंड के मौसम में लोगों को और भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
82 लाख शहर की तो 725 लाख यूनिट ग्रामीण क्षेत्रों में है प्रतिमाह खपत
जिले में बिजली निगम के 90 फीडर हैं। प्रतिमाह खपत 807 लाख यूनिट है। इसमें शहर की प्रतिमाह खपत 82 लाख जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की खपत 725 लाख यूनिट है। शहर में प्रतिदिन बिजली खपत तीन लाख यूनिट है। पूरे जिले में 11127 ट्रांसफार्मरों के जरिए बिजली आपूर्ति की जा रही है। जिले में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 37 हजार है। इसमें 15 हजार शहरी उपभोक्ता हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिमांड के मुताबिक बिजली आपूर्ति की जा रही है लेकिन कई बार फॉल्ट आने के कारण व्यवधान आ रहा है।
बस स्टैंड रोड का केबल बक्सा फटा, फीडर की केबल हुई पंक्चर
निगम एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि बस स्टैंड रोड पर वीरवार को एक केबल बक्सा फट गया था। यह एक तरह से सब ट्रांसफार्मर का काम करता है। इसके चलते इस फीडर से जुड़ी कालोनियों की बिजली गुल हो गई थी। केबल बक्सा ठीक करने में कुछ समय लगा था लेकिन इसे दुरुस्त करवा दिया गया था। इसके अलावा एक फीडर की केबल पंक्चर होने की वजह से कुछ घंटों के लिए बिजली गुल रही थी। इसे भी हमने ठीक करवा दिया। बाकी सामान्य फॉल्ट हैं जिन्हें कुछ देर बाद ही हम दुरुस्त कर देते हैं।
मार्केट पर पड़ रहा प्रतिकूल असर
दादरी शहर का प्रतिदिन औसतन कारोबार दस करोड़ रुपये है। बिजली आपूर्ति ठप होने से श्रमिकों एवं कारीगरों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। शहर में सिलाई- कढ़ाई केंद्र, ज्वैलर्स शॉप बिजली शॉप, टेलर मार्केट का काम भी प्रभावित हो रहा है। मिस्त्री नरेश कुमार, सुनील और शिवकुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति चरमरा जाने से उनको काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। दैनिक दिहाड़ी भी पूरी नहीं हो पा रही है ।बिजली निगम को नियमित रूप से बिजली आपूर्ति करनी चाहिए ताकि श्रमिकों व आम लोगों को परेशानी न होने आए।