बहादुरगढ़। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने के लिए शहर के चार स्थानों पर लगाई गई ट्रैफिक सिग्नल लाइटें एक साल बीत जाने के बाद भी नहीं चल पाई हैं। साढ़े 18 लाख की लागत से लगाई गईं ये लाइटें महज शोपीस बनकर रह गई हैं, अभी तक इन लाइटों का टाइम ही सेट नहीं हो पाया है।
दिल्ली से सटा होने के कारण बहादुरगढ़ में यातायात बढ़ रहा है, जाम की समस्या भी बनीं रहती है। यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए शहर में जो ट्रैफिक लाइटें लगाई गईं वे अभी तक ढंग से चालू नहीं हो पाई हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट राहुल मंडोरा ने नगर परिषद में आरटीआई लगाकर ट्रैफिक लाइटों के संबंध में जानकारी मांगी थी। अब जवाब आया है। जानकारी मिली कि 10 नवंबर 2017 को शहर के चार स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगाई गईं। ये स्थान झज्जर मोड़ चौक, रेलवे मोड़, नाहरा-नाहरी मोड़ और बादली चुंगी हैं। इन लाइटों पर 18 लाख 49 हजार 700 रुपये की राशि नगर परिषद ने खर्च की।
एक साल से शोपीस
पिछले साल नवंबर में लगीं लाइटों को अब एक साल से ज्यादा समय हो गया है। इन लाइटों ने एकाध बार बीच में काम भी किया, लेकिन ये व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ पाई। फिलहाल चारों स्थानों पर ये लाइटें नहीं चल रहीं। यातायात व्यवस्था वहीं पुराने ढर्रे पर चल रही है। बकौल राहुल, लाखों रुपये खर्च कर लगवाई गईं लाइटों का एक साल बाद भी काम न करना लापरवाही को दर्शाता है। इनसे पहले भी वर्ष शहर में लाइटें लगवाई गईं थी, अनदेखी के कारण वे चल नहीं पाई और जर्जर हो गई। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान दें, इन्हें सुचारू कराया जाए।
लाइटों में खराबी नहीं है, बस टाइम सेट नहीं है। इंजीनियर को बुलाकर टाइम सेट कराया जाएगा, जल्द ही इन्हें सुचारू ढंग से चालू कराया जाएगा।
-सतीश कुमार, एसएचओ, ट्रैफिक पुलिस बहादुरगढ़