अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। अपनी मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने एक बार फिर से हड़ताल शुरू कर दी है। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार इसके बाद भी मांगे नहीं मानती है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित रही। इस दौरान सबसे अधिक एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। नियमित चालकों के सहारे मात्र पांच एंबुलेंस ही चल पाई हैं। केवल आपात सेवाओं के लिए एंबुलेंसों को मरीजों के लिए भेजा जा रहा था। झज्जर दो, जमालपुर में एक और बहादुरगढ़ में दो एंबुलेंस चलाई गई जबकि बहादुरगढ़ की एक एंबुलेंस को वीआईपी ड्यूटी पर भेजा गया था। जबकि जिले में एंबुलेंस की 11 गाड़ियां अस्पतालों में खड़ी रही। इसके कारण मरीजों के परिजनों को अपनी या प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इतना ही नहीं लोगों को प्रयोगशाला में भी कर्मचारियों की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। झज्जर में 518 एनएचएम कर्मचारियों में से 313 एनएचएम कर्मी हड़ताल पर रहे हैं। एनएचएम कर्मी सामान्य अस्पताल के लेबर रूम, एंबुलेेंस सेवाओं के अलावा अन्य स्थानों पर भी कार्यरत हैं। लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए नियमित स्टाफ को वहां पर नियुक्त किया गया है।
सामान्य अस्पताल में दिया धरना
जिले भर के एनएचएम कर्मचारियों ने सामान्य अस्पताल परिसर में धरना दिया। धरने की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमारी व जिला प्रधान मंजू रेखा आर्य ने की। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी कई बार अपनी मांगों को लेकर धरना दे चुके हैं और हड़ताल भी कर चुके हैं। लेकिन सरकार वार्ता कर विश्वास दिलाती है कि उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा और बाद में उनको पूरा नहीं किया जा रहा है। इसलिए उन्हें एक बार फिर से हड़ताल करने को मजबूर होना पड़ रहा है। अगर दो दिन की हड़ताल के बाद भी मांगों पूरा नहीं किया गया तो यह हड़ताल अनिश्चितकाल में बदल सकती है।
यूूनियनों ने दिया समर्थन
सामान्य अस्पताल परिसर में चल रहे धरने को सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव राजेंद्र जुलाना ने संबोधित किया और सरकार पर कर्मचारियों के वादाखिलाफी करने का आरोप भी लगाया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के सचिव राजेंद्र जुलाना, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान जयपाल गुढ़ा, मेकेनिकल यूनियन से विष्णु दत्त जांगड़ा ने हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि हम इस हड़ताल में कर्मचारियों के साथ हैं। हड़ताल जब तक चलती रहेगी हम आपके बीच आते रहेंगे और आपकी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
एनएचएम कर्मियों की मांगें
- नियमितकरण या सेवा सुरक्षा।
- सेवा नियम में संशोधन।
- सातवें वेतनमान का लाभ।
- आउटसोर्सिंग प्रथा पर रोक।
- जिन एनएचएम कर्मचारियों को सेवा नियम का लाभ नहीं दिया गया उन्हें
भी सेवा नियम में शामिल किया जाए।
- नियमित कर्मचारियों की भांति सभी भत्ते दिए जाएं।
- वरिष्ठता का लाभ दिया जाए।
- पिछली हड़ताल व रुका हुआ वेतन दिया जाए।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है। नियमित कर्मचारियों के सहयोग से काम चलाया जा रहा है।
- डॉ. कुलदीप, उप सिविल सर्जन, झज्जर।