अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। फाइल जमा होने के 11 साल बाद शहर का 100 बेड का सिविल अस्पताल हॉटलाइन से जोड़ा गया है। बिजली निगम ने हैड ऑफिस से मंजूरी लेकर इसे सब स्टेशन के आरडी-62 की लाइन से जोड़ दिया है। इसके चलते अब अस्पताल में बिजली संकट नहीं रहेगा। अमर उजाला ने इस विकट समस्या को इसी माह तीन अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बिजली निगम अधिकारियों को रिमाइंडर भेजा और निगम अधिकारियों ने औपचारिकताएं पूरी कर सिविल अस्पताल को हॉटलाइन से जोड़ दिया है।
ज्ञात रहे सिविल अस्पताल 100 बेड का तो अपग्रेड हो गया था लेकिन इसे हॉटलाइन से कनेक्ट नहीं किया गया था। इससे समय -समय पर अस्पताल में बिजली फॉल्ट आने पर ब्लैक आउट की स्थिति बनी रहती थी। इसके चलते जहां मरीजों को गर्मी में रात गुजारनी पड़ती थी तो वहीं चिकित्सकों व कर्मचारियों को मोबाइल टॉर्च से काम निपटाने पड़ते थे। इसके अलावा इमरजेंसी में मरीजों के उपचार में भी परेशानियां आती थी। अस्पताल में बिजली सिस्टम अपडेट नहीं होने से आए दिन परेशानी बनी रहती थी। यहां जेनरेटर सुविधा भी अब तक शुरू नहीं की गई थी। डिलीवरी और अन्य गंभीर मामलों में बिजली न होने पर और भी ज्यादा परेशानी होती थी। बिजली लाइन में फॉल्ट आने पर रोगियों के लिए रात बिताना मुश्किल हो जाता था तो वहीं पेयजल आपूर्ति भी चरमरा जाती।
अमर उजाला ने इस मुद्दे की जब पड़ताल की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। इस दौरान पता चला कि बिजली निगम के पास स्वास्थ्य विभाग की ओर से आठ लाख रुपये की राशि हॉटलाइन के लिए सन 2007 में जमा करवाई गई थी। इस संबंध में चरखी दादरी एक्सईएन कार्यालय में फाइल भी जमा करवा दी थी लेकिन यह फाइल 11 साल तक कार्यालय में ही दबी रही। विभाग व प्रशासन की ओर से इस बारे में सुध तक नहीं ली जा रही थी।
निगम ने निकाली दबी फाइल
गत एक अगस्त को सिविल अस्पताल में फॉल्ट आने से 14 घंटों तक बिजली गुल रही थी। दो अगस्त के अंक में अमर उजाला ने फॉल्ट आने से सिविल अस्पताल में 14 घंटे तक रहा ब्लैक आउट नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। गत तीन अगस्त के अंक में भी अमर उजाला ने डिपॉजिट जमा कराने के बावजूद सिविल अस्पताल में नहीं हुआ हॉट लाइन कनेक्शन नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके अगले ही दिन निगम एक्सईएन ने 11 साल पुरानी फाइल को अपने पास मंगवाकर इसकी जांच की। अमर उजाला ने चार अगस्त के संस्करण में अस्पताल को हॉटलाइन से जोड़ने की फाइल 11 साल बाद खुली नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
नए सिरे तैयार हुए दस्तावेज
फाइल मिलते ही बिजली अधिकारियों ने अपने हैड ऑफिस को पत्र भेजा था। बिजली निगम ने हॉटलाइन के लिए नए सिरे से एस्टिमेट भी तैयार करवाया क्योंकि 11 साल पहले सिविल अस्पताल की भौगोलिक स्थितियां व अन्य जरूरतें अलग थी निगम के हैड ऑफिस से आठ लाख की राशि डिविजन कार्यालय को भी ट्रांसफर करवाए जाने पर तेजी से काम शुरू किया गया। बिजली अधिकारियों ने इस पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग से भी हॉटलाइन संबंधी इस फाइल की और डिटेल मांगी थी ताकि इस इस प्रक्रिया को जल्दी पूरा किया जा सके। 0
हैड ऑफिस से अप्रूवल लेकर सिविल अस्पताल को हॉटलाइन से कनेक्ट कर दिया गया है। चरखी पावर हाउस से आने वाली मेन आरडी 62 लाइन से इसे जोड़ा गया है। अब अस्पताल में बिजली की समस्या नहीं रहेगी।
ओमबीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम, चरखी दादरी