अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। झज्जर जिले में मच्छर जनित बीमारियां पांव पसारने लगी है। जिले में अभी तक मलेरिया के 19 केस मिल चुके हैं, इनमें से चार केस बहादुरगढ़ के हैं। बरसाती सीजन में डेंगू, मलेरिया की बीमारी बढ़ने की आशंका पर स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोगों को घर-घर जाकर जागरूक किया जा रहा है।
इन दिनों में मलेरिया व डेंगू मच्छरों की खूब भरमार हो जाती है। हालांकि अभी डेंगू के केस नहीं निकले हैं लेकिन मलेरिया के बढ़ते केस ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता जरूर बढ़ा दी है। झज्जर व बहादुरगढ़ के शहरी क्षेत्र के अलावा गांवों में भी टीमें जाकर यह पता लगा रही है कि कहीं कोई इस बीमारी की चपेट में तो नहीं। बढ़ते केसों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सर्वे के लिए लगाई गई टीम में स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या 98 से बढ़ाकर 103 कर दी है। डीएमओ डॉ. विनय देशवाल ने बताया कि पिछले 3 माह में मलेरिया के 19 केस पूरे झज्जर जिले में पॉजिटिव निकले है। इसमें से चार केस बहादुरगढ़ के भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता के जरिये इन बीमारियों से बचा जा सकता है। लोग अपने आसपास पानी न जमा होने दें।
अधिकारियों ने किया दौरा
सिविल सर्जन झज्जर डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने डीएमओ डॉ. विनय देशवाल व विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ कई क्षेत्रों का दौरा किया और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव को लेकर उन्हें आवश्यक दिशानिर्देश दिए। यही नहीं उनके नेतृत्व में टीम ने कई सरकारी विभागों के कार्यालय का भी दौरा कर कूलर व पेयजल श्रोत की जांच की। विभागों के कर्मचारियों को उन्होंने बरसात में बिना पानी कूलर चलाने के लिए प्रेरित किया।
मच्छर जनित बीमारियों के लक्षण
डेंगू बुखार : अचानक तेज बुखार का होना, छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना, सिर के आगे वाले हिस्से में जोर का दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर के जोड़ों में दर्द, भूख न लगना, जी मिचलाना व उल्टियां होना आदि।
मलेरिया बुखार : ठंड लगकर बुखार आना, शरीर में दर्द होना व उल्टी आना, कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है।
चिकनगुनिया बुखार : तेज बुखार के साथ मांसपेशियों व जोड़ों में तेज दर्द होना। भूख कम लगना, कमजोरी महसूस होना व जी-घबराना।