अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
ट्रक चालकों द्वारा बैग उठान के नाम पर आढ़तियों से एक रुपया प्रति बैग रिश्वत का लिया जा रहा है। यह शिकायत एक युवक ने रविवार को मंडी में सीएम के सामने की। सीएम ने शिकायत पर तुरंत ट्रांसपोर्टर को ब्लैक लिस्ट करने को कहा। सीएम जैसे ही यहां से पंडाल की ओर जाने लगे तो एक अधिकारी ने सीएम के कान में कुछ कहा। इसके बाद सीएम पंडाल में पहुंचे और आढ़तियों को संबोधित किया। ठीक 20 मिनट बाद सीएम जब कार्यक्रम खत्म कर लौटने लगे तो उनसे सवाल किया गया कि आढ़तियों से पैसे लेने के मामले में क्या कार्रवाई होगी। सीएम ने इसके जवाब में कहा कि जब मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी। इसके बाद सीएम बोले कि आढ़ती पहले उठान के लिए खुद ही पैसे दे रहे हैं।
लिफ्टिंग न होने पर गेहूं का ढेर देखकर आया गुस्सा
सीएम मनोहरलाल मंडी में पहुंचे तो उन्होंने गेहूं के बड़े-बड़े ढेर देखे तो उनका पारा चढ़ गया। सीएम ने कहा कि ऐसे ढेर तो प्रदेश में कहीं भी नहीं हैं। तुरंत गेहूं को बैगों का उठान कराओ। उन्होंने कहा कि मौसम हर रोज करवट बदल रहा है। अगर बारिश हुई तो गेहूं खराब हो सकता है। नुकसान चाहे किसानों का हो या सरकार का लेकिन नुकसान नहीं होना चाहिए।
तोल किया तो वजन मिला कम
मुख्यमंत्री ने भाषण खत्म कर एक बार फिर मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान एक बैग का वजन करवाया। तोल किया गया तो पाया कि बैग में 1600 ग्राम वजन कम मिला। इस पर सीएम ने डीएफएससी से पूछा कि वजन कम क्यों है। डीएफएससी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया लेकिन आढ़तियों ने कहा कि बैग पैकिंग के समय नमी की मात्रा अधिक होती है लेकिन सूखने पर कम हो जाता है। आढ़तियों को पैसे पूरी गाड़ी के वजन अनुसार ही दिए जाते हैं। इसलिए कोई कम वजन की दिक्कत नहीं है। इस पर मंत्री कणदेव कंबोज ने कहा कि जब ये गेहूं डिपो पर आएगा तो दिक्कत होगी क्योंकि उन्हें बैग के हिसाब से दिया जाता है। इस तरह की शिकायत डिपो होल्डर की तरफ से मिलती रहती है।
मंडी के एक्सटेंशन पर होगा विचार
गेहूं की आवक अधिक होने के कारण मंडी में जगह नहीं होती। इसके चलते यहां के आढ़तियों को परेशानी आती है। ऐसे में मंडी के एक्सटेंशन या फिर नजदीक ही दूसरा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया जाएगा, जहां पर किसान अपना गेहूं लेकर पहुंच सकें। इसकी खरीद आसानी से हो सके।
सुबह मीटिंग कर आढ़तियों को मनाया
अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन रविवार को सुबह ही हरकत मेें आ गया। हैफेड व वेयर हाउस के परचेजर के साथ फूड सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने रेस्ट हाउस में आढ़तियों को बुलाया जहां पर उन्हें मनाया गया कि वे सीएम के सामने ऐसी शिकायत नहीं करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि वे उन्हें दिक्कत नहीं आने देंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के मान-मनौव्वल के बाद आढ़ती तो मान गए लेकिन एक आढ़ती के साथ रहने वाले युवक ने आखिरकार इसकी शिकायत सीएम से कर दी। फोटो संख्या-1 से 3