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नगर परिषद ने नर्क बना दिया आठ हजार लोगों का जीवन

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
लाइन पार क्षेत्र की चार कालोनियों के निवासी 8 हजार से अधिक लोग नगर परिषद की मनमानी की वजह से नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। परिषद के सफाई कर्मचारी आबादी के बीचोंबीच अवैध डंपिंग स्टेशन चला रहे हैं। जिससे यहां के लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। असहनीय प्रदूषण से परेशान लोग अपने घरों को छोड़ने तक की बात सोचने लगे हैं।
बहादुरगढ़ में नाहरा नाहरी रोड रेलवे फ्लाई ओवर के साथ ग्राम पंचायत परनाला की कई एकड़ खाली जमीन है। यह जमीन शास्त्रीनगर और हरीनगर और जोहरीनगर के बीच है, लेकिन नगर परिषद के सफाई कर्मचारी इस जमीन को अवैध रूप से डंपिंग स्टेशन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। तीन साल से तो गंदगी की हद्द हो गई है। लाइन पार क्षेत्र की कई कालोनियों, अनाज मंडी व अग्रवाल कालोनी आदि से ट्रैक्टर-ट्राली में कूड़ा भरकर परिषद के सफाई कर्मचारी इस जमीन में डाल देते हैं। कुत्ता, बिल्ली आदि मरे हुए जानवरों को भी यहीं फेंक दिया जाता है। गीले कचरे की मात्रा भी कम नहीं होती। ये कूड़ा सड़ता है। आसपास रहने वालों के लिए मुसीबत बनी रहती है। असहनीय दुर्गंध उठती है। बारिश होने पर तो स्थिति बदतर हो जाती है।
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शास्त्रीनगर निवासी सीमा ने बताया कि कूड़े के ढेर बढ़ने लगते हैं तो फेंकने वाले इसमें आग लगा देते हैं, लेकिन कूड़े में पॉलिथीन और गीला कूड़ा भी बहुत होता है, जिससे आग लगने पर भी कूड़ा जल्द नष्ट नहीं हो पाता और इसमें चौबीसों घंटे, हफ्ते के सातों दिन धुआं उठता रहता है। हवा की दिशा में धुआं जिधर भी जाता है, उधर रहने वालों का इस बहुत गंदे धुएं की वजह से दम घुटने लगता है। इसी मैदान की उत्तरी दिशा में दो स्कूल भी चलते हैं। महिला बाला ने कहा कि स्कूली बच्चों समेत सभी बच्चों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। बबिता व राजेश ने कहा कि यहां का वातावरण इतना अधिक दूषित रहता है कि बच्चों के लिए ही नहीं, बड़ों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। यहां कूड़ा डालना और इसको जलाना जल्द बंद नहीं किया गया परेशान होकर उन्हें यहां से घर बेचकर जाना पड़ेगा।
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नगर परिषद चेयरपर्सन शीला राठी से सीधी बात
सवाल : पिछले दिनों जब स्वच्छता सर्वे चला तब तो परिषद ने शहर में सफाई व्यवस्था पर पूरा जोर दिया, मगर अब कई जगह गंदगी का साम्राज्य क्यों रहता है?
जवाब : परिषद का स्वच्छता विभाग हमेशा सक्रिय रहता है। घर-घर से कूड़ा उठाया जाता है और गंदगी की हर शिकायत का समाधान जल्द से जल्द किया जाता है।
सवाल : शहर में आरओबी के साथ आबादी के बीचोंबीच अवैध डंपिंग स्टेशन चल रहा है, क्या यह उचित है?
जवाब : डंपिंग स्टेशन जैसी कोई बात नहीं है। यहां आसपास के वाशिंदे और दुकानदार कूड़ा डाल देते हैं।
सवाल : नगर परिषद के कर्मचारी भी छोटू ट्रैक्टर-ट्राली से यहां रोज कूड़ा डालते हैं। क्या यह अवैध नहीं है?
जवाब : इसकी जांच कराई जाएगी और अगर ऐसा हो रहा है तो सख्ती से रोका जाएगा। बड़े-ट्रैक्टरों में भरकर यहां से कूड़ा बादली रोड के साथ स्थित डंपिंग स्टेशन पहुंचाया जाएगा।
सवाल : आबादी के बीचोंबीच इतनी भयंकर गंदगी फैलाना क्या यहां के निवासियों के प्रति अपराध जैसी स्थिति नहीं है ?
जवाब : इसके लिए जिम्मेदार लोगों से जवाब तलब किया जाएगा और भविष्य में ऐसा न होने देना सुनिश्चित किया जाएगा।
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