भारतीय सेना के रोहतक स्थित भर्ती कार्यालय द्वारा आयोजित खुली भर्ती में बृहस्पतिवार को झज्जर के युवाओं को मौका दिया गया।
सेना में भर्ती होने के लिए यहां के युवाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया, लेकिन जब टेस्ट पास करने की बात आई तो 6506 युवाओं में से महज 586 युवा ही फिजिकल पास कर पाए।
इनमें से 1063 युवा तो ऐसे थे, जो कि शारीरिक लंबाई कम होने के कारण दौड़ से बाहर हो गए। दौड़ से बाहर होने वाले युवा जहां मायूस दिखाई दिए, वहीं टेस्ट पास करने वाले युवाओं का जोश देखने लायक था।
झज्जर को वीरों की धरती भी कहा जाता है। इस बात को बृहस्पतिवार को झज्जर के युवाओं ने चरितार्थ कर दिखाया।
सेना में भर्ती होने का जुनून यहां के युवाओं में सिर चढ़ कर बोला। आलम यह रहा है कि अल सुबह ही युवा पुलिस लाइन के बाहर कतारबद्ध होकर खड़े नजर आए।
हालांकि पानीपत की भर्ती में भी युवाओं की खासी भीड़ आई थी, लेकिन झज्जर के युवाओं ने भर्ती को लेकर जो उत्साह दिखाया, उसका गजब नजारा था।
पानीपत के युवाओं के मुकाबले झज्जर के युवाओं की संख्या तीन गुणा अधिक रही। झज्जर से करीब साढ़े छह हजार युवा भर्ती मैदान में पहुंचे।
इसके चलते भर्ती मैदान के अंदर और बाहर युवा ही युवा दिखाई दे रहे थे। पुलिस लाइन के बाहर भी मेले जैसा नजारा दिखाई दिया।
भर्ती शुरू हुई तो मायूसी मिली
सेना भर्ती शुरू होने से पहले जहां युवाओं में जोश था, वहीं भर्ती के बाद ज्यादातर युवा मायूस दिखाई दिए। भर्ती में हिस्सा लेने आए कुल 6506 युवा आए थे।
इनमें से 1063 युवाओं को लंबाई कम होने के चलते बाहर कर दिया गया। बाद में 4857 युवाओं ने दौड़ में भाग लिया। इसमें से 586 युवा ही फिजिकल टेस्ट पास कर पाए।
बता दें कि बीते बुधवार को पानीपत के युवाओं को मौका दिया गया था। पानीपत से कुल 2240 युवाओं ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 320 युवा फिजिकल टेस्ट पास करने में कामयाब रहे।
पानीपत के मुकाबले झज्जर के युवाओं की संख्या तो तीन गुना रही, लेकिन फिजिकल पास करने का प्रतिशत कम रहा।
पानीपत के 100 युवाओं में से जहां औसतन 14 युवा फिजिकल में पास हुए, वहीं झज्जर में 100 युवाओं में से केवल नौ युवा ही फिजिकल पास कर पाए।
ब्रिगेडियर देवेंद्र शर्मा ने लिया भर्ती का जायजा
सेना मेडल विजेता हिसार के ब्रिगेडियर देवेंद्र शर्मा ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सेना के प्रति उत्साह का संचार करती है।
ऐसे में युवाओं को अपने कौशल का सही विकास करते हुए बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।
उन्होंने भर्ती प्रक्रिया का जायजा लेते हुए संबंधित सेना अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने भर्ती निदेशक से कहा कि वे इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जो आवेदक बतौर खिलाड़ी राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्शाता है, उसके प्रमाण-पत्र खेल प्राधिकरण से स्वीकृत होने आवश्यक हैं।
बसों भरी रहती हैं युवाओं से
सेना में भर्ती होने के लिए आने वाले युवाओं को बसों की कमी के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं बसों में भीड़ अधिक होने के कारण सामान्य यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बसों में भीड़ होने के कारण युवा लटककर सफर करते हैं, जिससे हादसा होने का अंदेशा भी लगातार बना है। रोडवेज विभाग की ओर से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था न करने के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवा पटरी से उतर गई है।
जब इस बारे में झज्जर डिपो के जीएम एन के गर्ग से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सेना भर्ती के लिए स्पेशल बसों की बात प्रशासन की तरफ से नहीं की गई है।
अगर प्रशासन की ओर से इस तरह की मांग आती, तो जरूर अतिरिक्त बसें उपलब्ध करवा दी जाती।
सोनीपत के युवाओं की भर्ती आज
कर्नल बख्शी ने बताया कि सैनिक (जीडी) के लिए 31 अक्तूबर को सोनीपत, एक नवंबर को रोहतक जिले के युवाओं के लिए भर्ती कार्यक्रम रहेगा।
इसी प्रकार सैनिक लिपिक/स्टोर कीपर तकनीक के लिए दो नवंबर को सोनीपत, तीन नवंबर को झज्जर, चार नवंबर को रोहतक, पांच नवंबर को पानीपत जिले के युवा भर्ती में भाग ले सकते हैं।
पांच नवंबर को ही रक्षा सेवा कोर के लिए हिमाचल प्रदेश, हरियाणा (पलवल, फरीदाबाद, गुड़गांव, मेवात को छोड़कर) और चंडीगढ़(यूटी) के निवासी भूतपूर्व सैनिक, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन एआरओ कार्यालय में नाम दर्ज करा रखा हो, भर्ती में शामिल होंगे।