झज्जर। एसडीएम एवं एआरओ झज्जर शिखा ने कहा कि 12 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव में सभी कर्मचारी अपने कर्तव्य का पूरी ईमानदारी व निष्ठा से पालन करें। पोलिंग पार्टी की निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने में अहम भूमिका है। शिखा रविवार को झज्जर के राजकीय नेहरू स्नातकोत्तर सभागार में पोलिंग पार्टी की रिहर्सल में आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही थीं। रविवार को कॉलेज प्रांगण में बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र तथा संवाद भवन परिसर में बेरी निर्वाचन क्षेत्र की पोलिंग पार्टी की रिहर्सल हुई। झज्जर निर्वाचन क्षेत्र की सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम शिखा व बादली के एसडीएम जगनिवास ने पोलिंग पार्टी को रिहर्सल के दौरान मतदान प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मॉक पोल में संतुष्टि जरूरी
सहायक निर्वाचन अधिकारियों ने रिहर्सल के दौरान पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को कहा कि पोलिंग एजेंट के सामने मॉक पोल करवाकर एजेंट की संतुष्टि करवाना व उनके हस्ताक्षर करवाकर मतदान की प्रक्रिया शुरू करवानी अनिवार्य है। चुनाव आयोग की हिदायतानुसार मॉक पोल के दौरान कम से कम 50 बार वोट करना आवश्यक है। मॉक पोल के दौरान किए गए वोट और वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों व कंट्रोल यूनिट में कुल वोट के मिलान होने पर, पोलिंग एजेंट्स के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं तथा मॉक पोल उपरांत इसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मॉक पोल के बाद ईवीएम को क्लीयर करने व ईवीएम को सील करने की प्रक्रिया पूरी करें तथा ईवीएम को वोटिंग के लिए तैयार करें। इसके बाद पोलिंग एजेंट्स के समक्ष मतदान शुरू करवाने की घोषणा करनी होगी।
पीठासीन अधिकारी 11 मई को बूथ पर जांचेंगे व्यवस्था
चुनाव के लिए एक दिन पूर्व यानी 11 मई को सभी पीठासीन अधिकारी अपने-अपने बूथ पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर इसकी सूचना संबंधित एआरओ को देंगे। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारियों के लिए पीओ डायरी महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है, जिसमें चुनाव के दौरान होने वाले पूरा घटनाक्रम को अंकित करना आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान चुनाव में प्रयोग होने वाली सामग्री को टैग, सील व स्ट्रिप सील करने की भी जानकारी दी तथा वर्गीकृत सर्विस वोटर के बारे में भी बताया।