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जमीन अधिग्रहण मामले में केंद्रीय मंत्री गडकरी से मिले किसान

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़। जमीन अधिग्रहण के उचित मुआवजे की मांग कर रहे गांव छारा के किसानों का धरना बुधवार को दसवें दिन भी जारी रहा। उधर, किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपनी मांग रखी तो मंत्री ने कहा वे जल्द ही पूरे मामले की जांच करवाकर रिपोर्ट मंगवाएंगे। उसके बाद किसानों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया जाएगा। भारत भूमि बचाओ समिति के कोषाध्यक्ष आर्य प्रमोद छारा के मुताबिक, किसानों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को समिति के प्रधान रमेश दलाल के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में कैप्टन मान सिंह, बबलू सरपंच छारा, संजय दलाल जिला पार्षद, मटरू प्रधान, प्रमोद आर्य, कैप्टन जीत, चौ. टेकराम, चौ. करण सिंह, रणबीर ठेकेदार आदि शामिल थे। गडकरी के साथ हुई इस मीटिंग में एनएचएआई के चेयरमैन व परिवहन मंत्रालय के सचिव युद्धवीर सिंह मलिक भी मौजूद थे। मीटिंग में मलिक ने कहा कि हम छारा गांव के किसानों को गिरावड़ गांव के रेट देने के लिए तैयार हैं। इस बात पर रमेश दलाल ने तुरंत तर्क व कानूनी प्रावधानों के आधार पर विरोध जताया। रमेश दलाल ने कहा कि गिरावड़ गांव के रेट अधिकारियों ने गलत तय किए हुए हैं। अगर छारा गांव को गिरावड़ गांव के अनुसार रेट देने हैं तो पहले गिरावड़ गांव के रेट में सुधार किया जाए अन्यथा छारा गांव को भापड़ोदा गांव के रेट मिलने चाहिए। रमेश दलाल ने सारे दस्तावेज गडकरी को सौंप दिए व पूरे मामले की जांच करवाने का निवेदन किया। उधर, मंत्री नितिन गडकरी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए व प्रतिनिधि मंडल को विश्वास दिलाया कि वह जल्द ही पूरी मामले की जांच करवाकर रिपोर्ट मंगवाएंगे और उसके बाद किसानों को फिर से वार्ता के लिए बुलाया जाएगा।
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ये है मामला
दरअसल, हाईवे के विस्तारीकरण के लिए छारा व कुछ अन्य गांवों की जमीन अधिग्रहण की गई है। छारा की मुआवजा राशि सरकार ने 40 लाख प्रति एकड़ तय की है, लेकिन ग्रामीण इससे नाखुश है। ग्रामीण कहते हैं कि उन्हें कम से कम 1 करोड़ 20 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर ये किसान बीते दस दिन से धरने पर हैं।
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