झज्जर। तालमेल कमेटी के आह्वान पर तीन दिन से हड़ताल कर रहे झज्जर जिला के 200 रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ शुरू कर दी है। बहादुरगढ़ में कार्यरत 60 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद एस्मा के तहत निलंबित कर दिया है। जबकि प्रोबेशन पीरियड वाले 30 कर्मचारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया गया है। जबकि 169 कर्मचारियों को एस्मा के तहत चार्जशीट किया गया है। इनमें 70 चालक व 89 कंडक्टर शामिल हैं। 6 कर्मशाला कर्मचारियों को भी चार्जशीट गया और 5 मैनेजमेंट के कर्मचारियों को चार्जशीट करने के लिए विभाग के मुख्यालय को लिखा गया है। कुल 200 कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई में 31 कर्मचारी झज्जर डिपो और बाकी कर्मचारी बहादुरगढ़ सब डिपो और मैनेजमेंट के हैं। झज्जर में चार्जशीट किए गए कर्मचारियों में 11 चालक और 20 कंडक्टर हैं।
हड़ताली कर्मचारियों की घटी संख्या
हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ जब विभाग ने कार्रवाई शुरू की तो झज्जर में उनकी संख्या घटनी शुरू हो गई है। झज्जर डिपो में हड़ताल पर गए कर्मचारियों में से 9 कर्मचारी काम पर वापस लौट आए हैं। अब हड़ताली कर्मचारियों की संख्या घटकर झज्जर में केवल 22 रह गई है।
112 बसों में से 104 बसें रोज की तरह चलीं
तालमेल कमेटी के आह्वान पर रोडवेज की विभिन्न यूनियनों की हड़ताल तीसरे दिन भी झज्जर में पूरी तरह से विफल रही। दो दिन की हड़ताल के बाद बुधवार को ही हड़ताल को दो दिन और बढ़ा दिया गया था। प्रशासन की तरफ सरकारी कार्यालयों के आसपास 200 मीटर के दायरे में धरने पर धारा 144 लागू करने के बाद रोडवेज कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बस स्टैंड आसपास धरना देते दिखाई नहीं दिए। हड़ताल के दौरान झज्जर डिपो में 112 बसों में से 104 बसें अपने रूटों पर चलती रही। वहीं यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और सभी रूटों पर बसें सामान्य रूप से चलने की वजह से यात्री सामान्य दिनों की तरह यात्रा करते रहे। ऑल हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन, इंटक, एसकेएस, महासंघ आदि शामिल थी, लेकिन तालमेल कमी की वजह से हड़ताल पूर्ण रूप से कामयाब नहीं हुई और मात्र 22 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे।
ये बोले पदाधिकारी
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार पलड़ा का कहना है कि उनकी सरकार से मांग है कि 720 प्राइवेट बसों को सड़कों पर न उतारा जाए और जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। झज्जर 150 चालक 138 कंडक्टर जिनमें से मात्र 22 चालक व कंडेक्टर हड़ताल पर रहे हैं।
रोडवेज कर्मचारी यूनियनों की हड़ताल को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से सुबह ही सामान्य बस स्टैंड और कर्मशाला में पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया था।
हड़ताल पर गए 200 कर्मचारियों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। झज्जर में हड़ताल का कोई असर नहीं है। बहादुरगढ़ में कंडक्टर हड़ताल पर चले जाने के कारण वहां पर बस सेवाएं प्रभावित हैं।
- दलबीर सिंह, सीआई, परिवहन विभाग, झज्जर।
झज्जर डिपो में हड़ताल पर गए 31 कर्मचारियों में से 9 कर्मचारी वापस काम पर आ गए हैं। अब हड़ताली कर्मचारियों की संख्या 22 रह गई है।
- जय सिंह दुजाना, डीआई, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग, झज्जर।