मुकेश शर्मा
झज्जर। नेशनल हाईवे 334 बी का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले वन विभाग की भूमि में खड़े 2470 हरे भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी और आरी चलेगी। क्योंकि रोड की चौड़ाई बढ़ाने के लिए पेड़ों को काटा जाएगा। जिससे झज्जर में हरियाली का दायरा कम होगा और इन पेड़ों के बदले लगाए जाने वाले पौधे भी झज्जर जिला की बजाए हिसार में लगाए जाएंगे। क्योंकि झज्जर जिला में वन क्षेत्र निरंतर घटता जा रहा है।
वन विभाग ने अपने मुख्यालय को लिखा है कि नेशनल हाईवे 334 बी पर सांपला से झज्जर तक काटे जाने वाले 2231 पेड़ों के बदले लगाए जाने वाले 34202 पौधे लगाने के लिए स्थान नहीं है। इसलिए मुख्यालय की तरफ से इन पौधों को लगाने के लिए अन्य डिवीजनों से पूछा तो हिसार डिवीजन ने ये पौधे अपने क्षेत्र में लगाने के लिए कहा है। जबकि झज्जर से छुछकवास मार्ग पर काटे
जाने वाले 239 पेड़ों के बदले लगाए जाने वाले 6698 पौधे झज्जर जिला में लगने वाली चिड़िया डिस्ट्रीब्यूट्री पर लगाए जाएंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से पेड़ों की कटाई के बाद रोछ़ को फोर लेन करने का कार्य शुरू किया जाएगा। वन विभाग की तरफ से जब भी किसी परियोजना के लिए पेड़ कटवाए जाते हैं तो उनके बदले दोगुनी भूमि पर पौधे लगाने होते हैं।
-केंद्र से मिली मंजूरी
नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की तरफ से भी इन पेड़ों को काटने के लिए मंजूरी दे दी है। वन विभाग की हरियाणा फोरेस्ट डेवलेप्मेंट कॉरपोरेशन विंग की तरफ से इन पेड़ों को कटवाया जाएगा। जल्द ही इन पेड़ों की कटाई का कार्य कॉरपोरेशन की तरफ से शुरू कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के बार्डर से राजस्थान बार्डर को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 334 बी के लिए फेज वन के लिए भूमि का अधिग्रहण का अवार्ड 3 व 4 अक्तूबर को घोषित किया जा चुका है। इसके लिए झज्जर जिला की करीब 56 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। करीब चार साल पहले केंद्र की तरफ से सोनीपत के पास उत्तर प्रदेश की सीमा से लोहारू के पास राजस्थान की सीमा को जोड़ने वाला सोनीपत, झज्जर, भिवानी और चरखी दादरी जिलों से होकर गुजरने वाले मार्ग को नेशनल हाईवे 334 बी घोषित किया था।
टू फेज में होगा निर्माण कार्य
करीब 200 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण दो फेज में किया जा रहा है। फेज वन यूपी बार्डर से झज्जर तक और फेज टू झज्जर से लोहारू के पास राजस्थान बार्डर तक है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से फिलहाल उत्तर प्रदेश बार्डर से लेकर झज्जर तक के हिस्से को फोरलेन बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई बढ़ाने के लिए सड़क के साथ की भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। जबकि झज्जर से आगे सड़क दो लेन की होगी और इसकी चौड़ाई दस मीटर होगी।
वर्जन
नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए पेड़ काटने की मंजूरी केंद्र सरकार से भी मिल चुकी है। अब हरियाणा फोरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की तरफ से पेड़ो की कटाई का कार्य शुरू किया जाएगा। सांपला रोड से काटे जाने वाले पेड़ों के बदले हिसार डिवीजन में पौधे लगाए जाएंगे।
- सुंदर लाल सांभरिया, डीएफओ, झज्जर।