अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
कृषि विभाग के द्वारा सब्सिडी वाली खरपतवार नाशक दवा केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने वाले किसानों को दी जा रही थी। रजिस्ट्रेशन विभागीय लापरवाही के कारण अंतिम तिथि को केवल आधे घंटे तक हो पाए थे। इसके चलते जिले के अधिकांश किसानों के रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाए थे, जिसकी वजह से विभाग की ओर से उन्हें सब्सिडी वाली वेस्ता दवा नहीं दी जा रही थी। किसानों को यह दवा 250 रुपये की अधिक कीमत चुुकाने के बाद मिल रही थी। मामले की अमर उजाला ने पूरी पड़ताल करके 11 जनवरी के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने सब्सिडी का लाभ आम किसानों को भी देने के लिए मुख्यालय से पत्र लिखकर परमिशन मांगी गई थी। मुख्यालय से परमिशन मिलने के बाद सोमवार से विभाग ने बगैर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को भी सब्सिडी पर दवा देनी शुरू कर दी। जिस पर किसानों ने अमर उजाला का धन्यवाद किया।
ये बोले किसान
1. गांव गिरावड़ निवासी किसान सुरेंद्र ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी ही किसानों के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। अमर उजाला ने मामला उठाया तो उनकी समस्या हल हो गई है। इसके लिए वे अमर उजाला का धन्यवाद करते हैं।
2. रईया गांव निवासी किसान संदीप का कहना है कि सब्सिडी के मामले में अधिकारी उन्हें हमेशा इस तरह परेशान करते थे। अमर उजाला द्वारा मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद उन्हें उम्मीद हो गई है कि भविष्य में भी उनकी समस्याएं हल हो जाएंगी।
वर्जन
अमर उजाला के द्वारा समाचार प्रकाशित किए जाने पर मुख्यालय से बिना रजिस्ट्रेशन वाले किसानों को भी सब्सिडी का लाभ देने के लिए परमिशन मांगी थी। मंजूरी मिलने पर सभी किसानों के लिए सब्सिडी वाली दवा सोमवार से मिलनी शुरू हो गई हैं।
- बालकृष्ण, उपप्रबंधक, एचएलआरडीसी।