रोहतक। एमडीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर प्रोजेक्ट एग्जीबिशन-2026 का आयोजन होगा। इसमें छात्रों के इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स आकर्षण का केंद्र होंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित कई मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां मुख्य अतिथि और रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल विशिष्ट अतिथि रहेंगे। संवाद
5 हजार में तैयार किया हाई-एफिशिएंसी एयर प्यूरीफायर
यूआईईटी के अंतिम वर्ष के छह छात्रों रूद्र, हिमांशु, आकाश, हर्ष, नितिन और विशाल ने डॉ. दीपक छाबड़ा के मार्गदर्शन में कम लागत वाला एयर प्यूरीफायर तैयार किया है। यह मॉडल मात्र 22 से 25 मिनट में कमरे की एयर क्वालिटी को सुधार देता है। वहीं बाजार में उपलब्ध मशीनें इसी काम में 40-45 मिनट लेती हैं।
पीवीसी पाइप और कार्बनाइज्ड फिल्टर से बने लागत करीब 5 हजार रुपये आए और बाजार में प्यूरीफायर 15 से 20 हजार रुपये तक के मिलते हैं। यह 0.2 माइक्रोन तक के कणों को मॉनिटर और फिल्टर करने में सक्षम है। छात्रों ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सस्ती और प्रभावी तकनीक विकसित करने के उद्देश्य से यह मॉडल तैयार किया गया।
आईओटी आधारित हाइड्रोलिक जैक से बढ़ेगी इंडस्ट्रियल सेफ्टी
छात्र आर्यन तोमर व उनकी टीम भविष्य, मुकेश सागर, निशांत कुमार, हिमांशु दहिया, शुभम कुमार और प्रियंका संभरवाल ने आईओटी आधारित हाइड्रोलिक जैक विकसित किया है। यह जैक वाई-फाई और ब्लूटूथ से संचालित होता है और 4 टन तक वजन उठाने में सक्षम है।
इसमें लोड सेल और सेंसर के जरिए वजन की सटीक माप की जाती है। वहीं अल्ट्रासोनिक सेंसर से लिफ्टिंग की ऊंचाई की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होती है। ईएसपी नोडएमसीयू और आईपी-आधारित कंट्रोल सिस्टम की मदद से इसे दूर से भी ऑपरेट किया जा सकता है जिससे भारी मशीनों के संचालन में मानव जोखिम कम होगा।
गार्डियन एआई : बच्चों और पालतू जानवरों की स्मार्ट निगरानी
झज्जर के गंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के छात्रों आर्यन प्रजापति, अनुराग ओझा और भारत यादव ने गार्डियन एआई नामक स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। यह एक वेब-आधारित सास प्लेटफॉर्म है जो एआई और कंप्यूटर विजन तकनीक की मदद से बच्चों और पालतू जानवरों की रियल-टाइम निगरानी करता है।
योलोवी8 मॉडल पर आधारित यह सिस्टम कैमरे के जरिए ऑब्जेक्ट डिटेक्शन कर खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान करता है और तुरंत अलर्ट भेजता है। इसमें लाइव मॉनिटरिंग, डेंजर जोन अलर्ट और वेब डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यह तकनीक बिना किसी विशेष हार्डवेयर के सामान्य कैमरे से ही काम करती है जिससे यह आम लोगों के लिए सुलभ और किफायती बनती है।
23-यूआईईटी के छात्रों की ओर से तैयार एयर प्यूरीफायर मॉडल।
23-यूआईईटी के छात्रों की ओर से तैयार एयर प्यूरीफायर मॉडल।