नोटबंदी के कारण कालेधन वालों को परेशानी हो या न हो, लेकिन शादी-विवाह वाले परिवार बेहद परेशान हैं। बैंकों से रुपये न निकलने के कारण इन परिवारों के कामकाज नहीं हो पा रहे। मंगलवार को भी एक बुजुर्ग अपनी पोती के विवाह के लिए बैंक में रुपये न निकलने से व्यवस्था को कोसता नजर आया।
नजफगढ़ रोड स्थित बैंक कॉलोनी निवासी बलराज सिंह का कहना है कि मार्च में लोन लेकर उसने कॉपरेटिव बैंक में रुपये जमा कराए थे, ताकि पोती की शादी में काम आ सकें। अगले महीने उसकी पोती की शादी है, समय बेहद कम रह गया है। इसलिए खरीदारी करनी है। मगर रुपये न होने के कारण बड़ी परेशानी हो रही है।
उसे तो सरकार द्वारा विवाह वाले परिवार को ढाई लाख रुपये देने की घोषणा का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि वह पिछले कई दिनों से बैंक में चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन रुपये नहीं निकाले जा रहे।
मंगलवार को खाते से केवल चार हजार रुपये ही निकल पाए। उन्होंने बताया कि करीब दस दिन में वह 24 हजार रुपये ही निकाल पाए हैं। बैंक में जाते हैं तो अधिकारी कहते हैं कि रुपये नहीं हैं। कभी रुपये होते हैं तो कहते हैं कर्मचारी कम हैं, बाद में आना।
उन्होंने बताया कि एक-एक दिन उनके लिए बेहद कीमती है। शादी-विवाह में बेहद काम होते हैं, लेकिन रुपये नहीं होने के कारण कोई भी काम ठीक से नहीं हो पा रहा। स्वर्णकार, कपड़े वाले रुपये जमा न होने के कारण काम करने से इन्कार कर रहे हैं। वह पिछले कई दिनों से बैंक के चक्कर लगाकर परेशान हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार शादी-विवाह वाले परिवारों की समस्या की ओर ध्यान दे और व्यवस्था दुरुस्त कराए, ताकि किसी के काम न अटके।