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लड़कियों के स्कूल का गेट बंद करने पर हंगामा

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चरखी दादरी। काठमंडी गर्ल्स स्कूल के पिछले गेट पर ताला लगाने पर सोमवार को हंगामा हो गया। क्षेत्र की महिलाओं ने इलाकाई पार्षदों के साथ छेनी-हथौड़ी से गेट पर लगा ताला तोड़ दिया। जिससे पिछले गेट से स्कूल का रास्ता फिर से खुल गया। इस दौरान छात्राओं ने भी गेट बंद करने का विरोध किया। गेट बंद करने से खफा पार्षद जिला शिक्षा अधिकारी रामौतार से भी उलझ पड़े। उन्होंने शिक्षा अधिकारी को दोबारा गेट बंद करने पर अभिभावकों के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दे दी। इस मसले पर प्राचार्य कक्ष में जिला शिक्षा अधिकारी के साथ नगर पार्षदों की बहस हुई और इस दौरान गंभीर आरोप जड़े गए। इन आरोपों को जिला शिक्षा अधिकारी ने नकार दिया। करीब एक घंटे तक स्कूल में हंगामा होने पर छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित रही।
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गत 25 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों पर पिछला गेट ताला लगाकर बंद कर दिया गया था। सुबह करीब साढ़े दस बजे नगर परिषद वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद महेश गुप्ता, पार्षद मनोज वर्मा, पार्षद दिनेश जांगड़ा, पार्षद रोहित राजपूत, पार्षद विनोद वाल्मीकि, पार्षद प्रतिनिधि सतबीर चौहान, सुभाष स्वामी व विरेंद्र चरखी काठमंडी स्थित गर्ल्स स्कूल पहुंचे। पार्षदों के साथ कई छात्राओं के अभिभावक भी थे। उन्होंने स्टाफ सदस्यों से ताला जड़कर पिछला गेट बंद करने का कारण पूछा। इस पर स्टाफ सदस्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों का हवाला दे दिया। इससे पार्षद और अभिभावक संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी रामौतार शर्मा को स्कूल परिसर में बुलाने की मांग की। इसके बाद पार्षदों ने और ताला तोड़ने का फैसला लिया। इस निर्णय को अभिभावकों ने भी समर्थन दिया। करीब साढ़े 12 बजे छात्राएं भी कक्षाओं से बाहर आईं और गेट के समीप पहुंच गई। इसके बाद वहां मौजूद पार्षदों, अभिभावकों व छात्राओं ने छेनी हथौड़ी से गेट का ताला ही तोड़ दिया। स्कूल का गेट खोलने के बाद वहां मौजूद सभी ने नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया। पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर अब इस गेट को बंद किया गया तो फिर पार्षद आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और इसकी शुरूआत भूख हड़ताल से होगी। बता दें कि इस स्कूल में करीब 500 से अधिक छात्राएं पढ़ती हैं और काठमंडी वाला गेट बंद होने के चलते ज्यादातर छात्राएं पिछले गेट से ही आवागमन करती हैं। गत 25 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों पर पिछला गेट ताला लगाकर बंद कर दिया गया था। इससे खफा छात्राओं ने नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया था। सोमवार को पार्षदों के साथ छात्राओं के अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए और उन्होंने ताला खोलने की मांग की। यह मांग पूरी न होते देख उन्होंने खुद ही ताला तोड़ दिया और छात्राओं के आने-जाने के लिए गेट खोल दिया है।
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