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सामान्य अस्पताल को 200 बेड की मंजूरी मिलने की उम्मीद

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर। स्वास्थ्य के क्षेत्र को लेकर जिले में सरकारी स्तर पर कोई खास सुविधाएं नहीं हैं। इसलिए लोगों को प्रदेश सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले बजट से काफी उम्मीदें हैं। जिला मुख्यालय पर सीटी स्कैन व एमआरआई के अलावा डायलिसिस यूनिट की आवश्यकता है। वहीं बजट में झज्जर के 100 बेड वाले सामान्य अस्पताल में 100 बेड के नए ब्लॉक को मंजूरी मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इसके लिए विभाग की तरफ से प्रपोजल भी भेजा जा चुका है। जिला में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर 31 सरकारी अस्पताल हैं। इनमें झज्जर, बेरी और बहादुरगढ़ में तीन सामान्य अस्पताल और 6 सीएचसी तथा 22 पीएचसी हैं। जबकि मातनहेल में भी थर्मल प्लांट की ओर से 50 बेड का आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल बनाकर विभाग को दिया जा चुका है। इसके स्टाफ के लिए भी मंजूरी की दरकार है। झज्जर के सामान्य अस्पताल में सीटी स्कैन, एमआरआई, डायलिसिस यूनिट भी आज तक नहीं लग पाई हैं। इनके लिए भी बजट में प्रावधान किए जाने की आवश्यकता है।

एंबुलेंस की 10 गाड़ियों की कमी को पूरा होने की उम्मीद
जिले में स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी के अनुसार एंबुलेंस की 24 गाड़ियों की आवश्यकता है। लेकिन विभाग के पास 14 गाड़ियां ही हैं। इनमें भी पांच गाड़ियां जनवरी में आई हैं। अभी जिला को एंबुलेंस की दस गाड़ियां आने का इंतजार हैं। इनके लिए भी सरकार से बजट मिलने की उम्मीद है।
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मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए बजट में सरकार को विशेष रूप से बजट का प्रावधान करना चाहिए। साथ ही तकनीकी स्टाफ की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। ताकि सरकारी अस्पतालों में इनकी कमी को पूरा किया जा सके। ग्रामीण क्षेत्र में सबसे अधिक ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
डॉ. मुरारी लाल, पूर्व एसएमओ, झज्जर।
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