अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के जवानों की शहादत से हर वर्ग में आतंकवाद और आतंकवादियों के संरक्षक पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश है। विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने केंद्र सरकार से जवाबी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पूर्व सैनिकों का कहना है कि अब पाकिस्तान और आतंकवाद को सबक सिखाने का समय आ गया है। वहीं, इन पूर्व सैनिकों ने सभी राजनैतिक दलों से राजनैतिक हितों को किनारे कर एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ मुहिम छेड़ने की अपील भी की है। हर वर्ग ने इसे कायरतापूर्ण हमला बताया है। कुछ पूर्व सैनिकों का कहना है कि पाकिस्तान 1971 की लड़ाई के बाद से ही ऐसी नापाक हरकतें कर रहा है और अब मुंह तोड़ जवाब देने का समय आ चुका है।
-- मैंने 30 साल सेना में नौकरी की है। इस सेवाकाल में मैंने करीब 20 हमले देखे हैं लेकिन जो पुलवामा में हमला हुआ है, वो अब तक का सबसे बड़ा हमला है। सरकार को अब आतंकवाद को सबक सिखाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। देश की जनता भी ये ही चाहती है। अब समय आ गया है कि भारत पाकिस्तान से हर प्रकार के रिश्ते खत्म कर ले और सभी राजनैतिक पार्टियां अपने स्वार्थों को साधने की बजाय आतंकवाद से निपटने के लिए एक मंच पर आए। बिजेंद्र कुमार, रिटायर्ड सूबेदार मेजर
-- पाकिस्तान आतंकवादियों की मदद से शुरूआत से ही भारतीय जवानों या देशवासियों पर हमले करवाकर कायरतापूर्ण कार्य कर रहा है। मैंने करीब 35 साल सेना में अपनी सेवाएं दी हैं। पाकिस्तान भारत से आमने-सामने की लड़ाई करने में कतराता है। जम्मू-कश्मीर के लोगों में आतंकियों का डर है। इसके चलते वे सेना की मदद करने की बजाय आतंकवादियों को पनाह देते हैं। घाटी के लोगों के दिलों से आतंकवादियों का डर निकालना होगा लेकिन इससे पहले हमले का सरकार मुंह तोड़ जवाब दे। - जगदेश कलकल, रिटायर्ड कर्नल एवं सेना मेडल एवार्डी
-- 1971 की लड़ाई के कुछ दिन बाद तक आतंकी गतिविधियां बंद रहीं लेकिन इसके बाद फिर से पाकिस्तान औछी हरकतों पर उतर आया। पुलवामा हमला भी इसकी का उदाहरण है। अगर देश की सुरक्षा, एकता व अखंडता का सवाल हो तो सभी राजनैतिक दलों को एक मंच पर आकर कोई ठोस निर्णय लेना चाहिए। भारत को पाकिस्तान से हर रिश्ता खत्म करना चाहिए और जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए। - राजेंद्र यादव, रिटायर्ड कर्नल
-- आतंकवादियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को केंद्र सरकार सबक सिखाए। देश के अंदर घुसकर जवानों पर हमला करने की घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है। अब पाकिस्तान से संबंधों को सुधारने की नही बल्कि खत्म करने की जरूरत है। देश के सैनिक पिछले लंबे समय से सरकार के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं। मैंने 15 साल नौसेना में नौकरी की है। भारत की थल, जल और वायु सेना पाकिस्तान का दुनिया के नक्शे से एक झटके में नाम मिटाने का मादा रखती हैं। - राजबीर सिंह, रिटायर्ड, नेवी अधिकारी
-- पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों की शहादत पर पूरे देशको नाज है तो वहीं, आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। भारत बार-बार रिश्ते मजबूत करने का प्रयास करता है लेकिन पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों की आड़ लेकर देश पर हमले करवा रहा है। अब आतंकवादियों और पाकिस्तान को जवाब देने का समय आ गया है। - राजदीप फौगाट, विधायक
- सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस हमले का अंजाम आतंकवादियों और उन्हें पनाह देने वाले पाकिस्तान को भुगतना पड़ेगा। पिछले दिनों ही हमारी सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान और आतंकवादियों की अक्ल ठिकाने लगा दी थी। इस बार भी सरकार इस कायरतापूर्ण हमले का मुंह तोड़ जवाब देगी। - सुखविंद्र मांढ़ी, विधायक
-- इस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। अब बातचीत का नहीं जवाबी कार्रवाई का समय है। 38 सैनिकों की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। सरकार को इस हमले का बदला जरूर लेना चाहिए। देश की जनता भी यही चाहती है। इस हमले से हर देशवासी आहत हैं, जवाबी कार्रवाई के इंतजार में है। - बलराम गुप्ता, अग्रवाल सभा प्रधान
-- यह हमला सैनिकों पर नहीं बल्कि देश की 130 करोड़ की जनता पर है। सैनिक राष्ट्र की साझी संपत्ति होते हैं और उनकी शहादत पर हर देशवासी को गर्व है। सरकार को आतंकी गतिविधियों में मुख्य भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहिए। देश की जनता चाहती है कि सरकार इस हमले का बदला ले। - सुरेश सोनी, प्रधान, स्वर्णकार संघ
- जम्मू कश्मीर में फैल रहे आतंकवाद और आतंकवादी ताकतों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई केंद्र सरकार को करनी चाहिए। इसके अलावा जम्मू कश्मीर क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम और सख्त किए जाने चाहिए जिससे भविष्य में ऐसी घटना फिर से न हो। सैनिकों पर हुए इस हमले का भी सरकार को जवाब देना चाहिए। - सुदीप सांगवान, जिला बार एसोसिएशन प्रधान
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवादियों को इस हमले का अंजाम भुगतना होगा। पाकिस्तान देश की अखंडता एवं सुरक्षा को ध्वस्त करने के मंसूबे में कभी कामयाब नहीं होगा। अब जवाबी कार्रवाई का समय है और सरकार अपनी रणनीति तय कर रही है। आतंकवाद का सफाया करने से अब सरकार नहीं कतराएगी। - रामकिशन शर्मा, एडवोकेट