अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। 2019 में नगर परिषद हाउस की पहली बैठक हंगामेदार रही। इसमें नोकझोंक, हंसी-मजाक, तू-तड़ाक और गहमागहमी के बीच एक करोड़ की राशि के 35 प्रस्ताव पास हो गए। पार्षदों ने ओवरफ्लो हो रहे नालों और बेपटरी सफाई व्यवस्था का मुद्दा सदन में उठाया तो चेयरमैन संजय छपारिया और ईओ विजयपाल यादव एक दूसरे का मुंह देखने लगे। वार्ड की समस्याएं सुनने का समय न देने पर दो पार्षदों ने सदन से वॉकआउट भी किया। बैठक में ईओ की हंसी और सदन में कप -प्लेट चलने का मामला भी चर्चा का विषय बनी रही। बैठक में सकारात्मक बात यह रही कि जल्द ही सफाई संबंधी संसाधनों का दायरा 50 प्रतिशत तक बढ़ाने पर जोर दिया गया।
नगर परिषद की बैठक वीरवार सुबह 11 बजे शुरू होनी थी लेकिन महज आठ ही पार्षद तय समय तक पहुंचे। करीब 19 पार्षदों के पहुंचने पर बैठक शुरू की गई। शुरूआत में जब पिछली बैठक के एजेंडों पर अमल की चर्चा शुरू हुई तो वार्ड-18 पार्षद कुलदीप गांधी खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि लोहारू रोड पर ओवरफ्लो नाले की समस्या बरकरार है। उन्होंने कहा कि इस समय उनके वार्ड की एक गली की सफाई का नंबर कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण एक माह में आता है। कारण पूछने पर कुछ पल के लिए चेयरमैन और ईओ एक दूसरे की तरफ देखने लगे। इस पर वार्ड-20 के पार्षद विरेंद्र पप्पू ने कहा कि अगर आप दोनों (ईओ और चेयरमैन) को आपस में ही बात करनी है तो हम सब पार्षद उठकर चले जाते हैं। इसके बाद मनोनीत पार्षद कुलदीप जोशी ने मोर्चा संभाला और उन्होंने ईओ और चेयरमैन को पार्षदों के सवालों का जवाब खोलकर देने का सुझाव दिया।
इसके बाद पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याएं गिनवाते रहे और इस दौरान कई दफा ईओ के साथ तीखी नोक-झोंक भी हुई। वार्ड एक के पार्षद प्रतिनिधि ने तो सबके सामने ईओ पर कमीशनखोरी के चक्कर में काम लटकाने का गंभीर आरोप भी लगाया तो माहौल गरमा गया। इसी बीच चेयरमैन ने ईओ को बताया कि ये पार्षद प्रतिनिधि है। इस पर ईओ ने कहा कि नियमानुसार तो पार्षद प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित ही नहीं हो सकता। इस पर अन्य पार्षद भड़क उठे और उन्होंने कहा कि जब काम नहीं हो रहे हों तो महिला पार्षद की जगह प्रतिनिधि को मैदान में उतरना ही पड़ता है। इसके बाद सदन से दो-तीन पार्षद प्रतिनिधि भी उठकर चले गए। हालांकि वरिष्ठ पार्षद रविंद्र गुप्ता और दयाराम जांगड़ा शिकायत करने वाले पार्षदों और नप अधिकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित कराने का प्रयास करते नजर आए। इसी बीच जब पार्षद दिनेश जांगड़ा और बख्शी सैनी ने अपने वार्डों की समस्याएं रखनी चाहीं तो उन्हें समय नहीं दिया गया। इस कारण बैठक के लिए प्रस्तावित एजेंडों पर चर्चा करने से पहले ही सदन से वॉकआउट कर गए। बैठक कक्ष से बाहर आए दोनों पार्षदों ने समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
पार्षदों ने ईओ और चेयरमैन को घेरने का किया प्रयास
- वार्ड एक पार्षद प्रतिनिधि अरुण ने मुख्य रोहतक रोड पर 45 की जगह 90 वॉट की सोडियम लाइटें न लगवाने पर कमीशनखोरी का आरोप जड़ दिया।
- वार्ड-19 पार्षद विरेंद्र पप्पू ने पार्षदों की बात काटने पर कहा कि ईओ साहब सवाल भी आप करते हो और दूसरों को चुप कराकर जवाब खुद दे देते हो।
- पार्षद दिनेश जांगड़ा ने कहा कि आरटीआई से मिली सूचना पांच किमी के दायरे वाले वार्डों में दो से तीन जबकि नप कार्यालय में नौ सफाई कर्मचारी हैं।
- पार्षद महेश गुप्ता ने कहा कि वार्ड में डस्टबिन टूटे पड़े हैं जबकि नए आने की कोई जानकारी नहीं है। वहीं, शहर अतिक्रमण की चपेट में है ईओ साहब।
- वार्ड-11 पार्षद विनोद वाल्मीकि ने कहा कि दलित पार्षद का पीछे से मजाक उड़ाते हैं और चेयरमैन ने मीडिया में उसके खिलाफ गलत बयान भी दिया।
- बैठक के बाद ईओ विजयपाल की पार्षदों ने चेयरमैन से मौखिक शिकायत भी की। इसके बाद पार्षदों से चेयरमैन ने लिखित शिकायत भी मांगी।
बख्शी को कप-प्लेट प्रकरण याद दिलाते रहे अन्य पार्षद
हाउस की बैठक में कुछ समय हुआ कप-प्लेट प्रकरण की यादें वीरवार को हुई बैठक में देखने को मिली। चाय और नाश्ता प्लेटों में आने पर अन्य पार्षद बख्शी सैनी की तरफ देखकर मुस्कुराते रहे। कुछ ने तो मजाकिया अंदाज में बोल दिया कि कप प्लेटों को बख्शी सैनी से दूर ही रखना।
ये एजेंडे हुए पास
- एक सप्ताह के अंदर शहर में अतिक्रमण अभियान शुरू करने
- शहर की सभी पुरानी स्ट्रीट लाइटों को बदलवाने व पोल लगाने।
- कोहरे के मद्देनजर 60 हजार से 15 रिफ्लेक्टर लाइट खरीदने का निर्णय हुआ
- नगर परिषद सफाई कर्मियों के लिए जूते और मुंह के मास्क खरीदने।
- पांच लाख से नगर परिषद की सभी जमीनों की पैमाईश करवाने।
- 42.09 लाख रुपये से सफाई संबंधी नई मशीनें खरीदने का।
- रामबाग में सौंदर्यीकरण के लिए पार्क निर्माण और अन्य काम कराने।
करीब एक करोड़ के विकास कार्यों के 35 प्रस्ताव बैठक में पास किए गए हैं। ईओ को रवैया सुधारने की हिदायत दी गई है। कुछ नए उपकरण खरीदने के प्रस्ताव पास हुए हैं तो कुछ कार्यालय से संबंधित सामान के हैं। इसके अलावा शहर के विकास कार्यों से संबंधी एजेंडे भी पास किए गए हैं। - संजय छपारिया, चेयरमैन