फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री और वितमंत्री की हाई पॉवर परचेज कमेटी ने 31.53 करोड़ के प्रोजेक्ट के रेट किए एप्रूव

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री की हाई पॉवर परचेज कमेटी ने पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए 31.53 करोड़ के प्रोजेक्ट के रेटों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जिले की नहरों में सन् 1970 के दशक में लगे सभी पंपों और मोटरों को बदलकर नई लगाई जाएंगी। एनर्जी एफिसिएंशी (ऊर्जा दक्षता) के ये पंप और मोटर पुणे, कोलकाता और बंगलुरू से मंगवाए जाएंगे। दिसंबर माह तक नहरों पर पंप और मोटर लगा दिए जाएंगे। इससे जिले की नहरी पानी की क्षमता बढ़कर 1000 क्यूसेक तक पहुंच जाएगी। इस प्रकार जिले के नहरों से पानी उठाने की क्षमता 300 क्यूसेक बढ़ जाएगी।
विज्ञापन

जिले की नहरों में पानी की क्षमता इस समय 700 क्यूसेक ही है। ज्यादा पानी छोड़ने पर पंप और मोटरें पानी का उठान नहीं कर पाती। इससे पानी पीछे से कम करवाना पड़ता है। कई बार ओवरफ्लो भी हो जाता है। इससे रिजर्व टैंक में पानी उतारना पड़ता है। जिले को नहरी पानी की समय-समय पर ज्यादा जरूरत बनी रहती है। ऐसे में 700 क्यूसिक पानी से पेयजल और सिंचाई की जरूरत पूरी नहीं हो पाती है। जिले मेें मेन लोहारू कैनाल और लोहारू फीडर मेन नहरें हैं। इस नहर के पंप हाउसों पर लगे पंप सन 1970 के दशक के हैं। यह काफी जर्जर एवं कंडम हो चुके हैं। इनसे पानी का उठान नहीं हो पाता। इस वजह से पीछे हेड ऑफिस से पानी कम करवाना पड़ता है। इसी वजह से पानी का संकट बना रहता है। घिकाड़ा पंप हाउस पर 28 मोटरें व पंप लगे हैं जिनमें से मुश्किल से 18 पंप ही काम करते हैं बाकी समय- समय पर खराब रहते हैं।
सीएम घोषणा के तहत लोहारू और बधवाना नहरों के पंप और मोटरें चेंज करने का काम पूरा होना है। इसके तहत घिकाड़ा पंप हाउस पर 26 मोटरें और पंप 35 क्यूसेक क्षमता के लगेंगे। इसी प्रकार यहां दो पंप 20 क्यूसेक क्षमता के लगने हैं। इसी प्रकार पंप हाउस दो बरसाना के समीप 17 पंप 60 क्यूसेक क्षमता के और पांच पंप 30 क्यूसेक क्षमता के लगने हैं। इसी प्रकार बधवाना नहर पर सभी सात पंप और मोटरें नई लगेंगी।
विज्ञापन


एक सेकंड में 60 क्यूसेक पानी का होगा उठान
यह नई आधुनिक तकनीक के यह पंप एक सेकंड में 35 से 60 तक क्यूसेक पानी का उठान करेंगे। कुछ पंप की क्षमता 60 है तो कुछ की 35 क्यूसेक पानी की क्षमता है। इस समय लगे पुराने पंपों की क्षमता 15-17 क्यूसेक ही है। सीएम और वित्तमंत्री की हाई पॉवर कमेटी ने इन पंपों और मोटरों के लिए 31.53 करोड़ के बजट के रेट तय कर दिए हैं। इनकी खरीद से पहले से भारत सरकार की थर्ड पार्टी इन पंप व मोटरों की इंस्पेक्शन करेंगी उसके बाद ही खरीद की जा सकेगी। यह थर्ड पार्टी पंपों की क्वालिटी को पास करेगी। विशेष मेटालॉजिक्ल युक्त यह पंप व मोटरें एनर्जी एफिशिएंसी पर आधारित होंगे इनसे बिजली की 50 प्रतिशत तक बचत हो सकेगी।


सिंचाई विभाग अधिकारियों की प्लान के तहत दिसंबर माह तक यह पंप व मोटरें पंप हाउसों पर लगा दी जाएंगी। इससे नहरी पानी की क्षमता एक हजार क्यूसिक तक पहुंच जाएगी। इस समय रूटीन की क्षमता 700 क्यूसिक तक रहती है। इससे जिले में पेयजल व सिंचाई के पानी की भी पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हो सकेगी। खासकर शहर में समय- समय पर पेयजल संकट बना रहता है। नहरी पानी की किल्लत की वजह से ही पानी का संकट बना रहता है। यही वजह है कि शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है ताकि पानी का स्टोरेज नहरों में पानी न आने तक खत्म न हो जाए।


सीएम और वित्त मंत्री की हाईपावर परचेज कमेटी ने इस प्रोजेक्ट के लिए रेट एप्रूवल कर दिए हैं। अब दिसंबर तक यह प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा।इससे जिले की पानी की क्षमता एक हजार क्यूसिक तक पहुंच जाएगी।
विज्ञापन

वेदपाल, एसडीओ मैकेनिक शाखा, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें